भुवनेश्वर, 3 अक्टूबर – ओडिशा में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मुर्गा सहित हजारों जानवरों की बलि दी गई। एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि सरकारी प्रतिबंध और पशुओं के अधिकार के लिए लड़ने वाले लोगों के विरोध के बावजूद बलि दी गई। कालाहांडी जिले के भवानीपटना में गुरुवार को जानवरों के साथ क्रूरता निरोध अधिनियम 1960 , वन्य जीवन संरक्षण अधिनियम 1972 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रतबिंध लगाए जाने के बावजूद पशुओं की बलि दी गई।
पशुओं की बलि दुर्गा पूजा के एक महत्वपूर्ण तिथि महाष्टमी के दिन मणिकेश्वरी देवी के जुलूस के दौरान दी गई।
चार किलोमीटर लंबे जुलूस में मौजूद लोगों ने बताया कि 3,000 से अधिक भेड़-बकरियों की बलि दी गई।
पुलिस अधीक्षक बी.के.रे ने आईएएनएस को बताया, “प्रशासन ने लोगों को बलि न देने से रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। लेकिन फिर भी उन्होंने बलि दी। लेकिन बलि दिए जाने की संख्या में कमी आई है।”
एक अधिकारी ने बताया कि जगतसिंहपुर जिले के रघुनाथपुर गांव के सिर्लो शक्ति मंदिर में भी कई जानवरों की बलि दी गई है।
इसी तरह पुरी, केंद्रपाड़ा और बोलांगीर जिले में स्थित देवी दुर्गा के अन्य मंदिरों में भी पशुओं की बलि दी गई है।
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