इस्लामाबाद, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान में एक अदालत ने पहली बार बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री (चाइल्ड पोर्नोग्राफी)को फैलाने के जुर्म में एक व्यक्ति को सात साल जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 12 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पाकिस्तानी मीडिया ने बताया कि लाहौर में एक अदालत ने सादत अमीन को स्वीडन, इटली, अमेरिका और इंग्लैंड समेत विश्व स्तर पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी फैलाने वाले गिरोह का सदस्य होने का दोषी मानते हुए गुरुवार को फैसला सुनाया।
‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने बताया कि अमीन को संघीय जांच एजेंसी’ ने अप्रैल 2017 में पाकिस्तान के सरगोधा शहर से गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने उसके पास से बच्चों के 6,50,000 से अधिक अश्लील वीडियो और तस्वीरें बरामद की थीं।
पाकिस्तान ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी को 2016 में अपराध की श्रेणी में शामिल कर इसमें सात वर्ष की जेल और मोटा जुर्माना लगाने का फैसला किया था। आपराधिक कानून (संशोधित) अध्यादेश 2015 में नए संशोधन के तहत देश के अंदर बाल तस्करी भी अपराध की श्रेणी में आ गई है।
अगस्त 2015 में बाल यौन शोषण का एक मामला खुलने से देश भर में हड़कंप मच गया था जब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुसैन खानवाला गांव में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के सैकड़ों वीडियो बनने और वहां से उन्हें दुनियाभर में फैलने का खुलासा हुआ था।
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