नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। गूगल, अमेजन और एप्पल जैसे प्रौद्योगिकी दिग्गज अपने वॉयस-इनेबल्ड डिजिटल असिस्टेंट्स को ज्यादा से जयादा डिवाइसों में एकीकृत कर रहे हैं। वहीं, सैमसंग अपने भारतीय शोध एवं विकास संस्थान की अगुवाई में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को अपने वर्चुअल असिस्टेंट बिक्सबाई में डालने में जुटा हुआ है, ताकि घर पर चीजों का एक सुसंगत इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) अनुभव मुहैया कराया जा सके।
नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। गूगल, अमेजन और एप्पल जैसे प्रौद्योगिकी दिग्गज अपने वॉयस-इनेबल्ड डिजिटल असिस्टेंट्स को ज्यादा से जयादा डिवाइसों में एकीकृत कर रहे हैं। वहीं, सैमसंग अपने भारतीय शोध एवं विकास संस्थान की अगुवाई में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को अपने वर्चुअल असिस्टेंट बिक्सबाई में डालने में जुटा हुआ है, ताकि घर पर चीजों का एक सुसंगत इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) अनुभव मुहैया कराया जा सके।
स्मार्टफोन्स के बाद, सैमसंग का लक्ष्य साल 2020 तक उसके सभी होम अप्लाएंसेज को स्मार्ट बनाने का है। इसी साल गार्टनर के मुताबिक करीब दो अरब कनेक्टेड डिवाइसेज होंगे।
बिक्सबाई एआई का अगला अगुआ है, जो यूजर्स को अपने रेफ्रिजेटर, टीवी, वाशिंग मशीन्स, डिशवाशर्स, ओवन और हर तरह के उपकरणों के साथ संवाद में सक्षम बनाएगा।
सैमसंग अनुसंधान संस्थान (एसआरआई)-बेंगलुरू के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी आलोकनाथ डे ने आईएएनएस को बताया, “हम पहले से 30-40 फीसदी एआई आधारित गतिविधियां कर रहे हैं, जिसमें सोच, आवाज और टेक्स्ट के लिए डीप न्यूरल नेटवर्क का प्रशिक्षण शामिल है।”
उन्होंने कहा, “बिक्सी एक वॉयस इंटरफेस है, जिसे हमने पहले ही स्मार्टफोन्स के अलाव अन्य आईओटी डिवाइसों में शामिल किया है।’
बिक्सवाई अब भारत में वैयक्तिकृत वॉयस क्षमताओं से लैस है, जो स्थानीय उच्चारण को समझता है और ग्राहकों से उनके स्मार्टफोन्स की तुलना में बेहतर तरीके से संवाद करता है।
बिक्सबाई का एक भारी हिस्सा एसआरआई बेंगलुरू में विकसित हुआ है, जो कंपनी का दक्षिण कोरिया के बाहर सबसे बड़ा विकास एवं अनुसंधान परिसर है। कंपनी के दो और अनुसंधान एवं विकास परिसर नोएडा में हैं।
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