गुड़गांव, 18 अक्टूबर – सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की यहां स्थापित आदमकद प्रतिमा शनिवार तड़के तोड़ दी गई। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने यह जानकारी दी।
पिछले वर्ष अन्ना ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्कालीन अध्यक्ष राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर यहां अपनी प्रतिमा लगाने में मदद मांगी थी।
अन्ना ने लिखा था कि भाजपा की हरियाणा इकाई के प्रवक्ता उमेश अग्रवाल इस समय गुड़गांव विधानसभा सीट से उम्मीदवार प्रतिमा लगाने की राह में रोड़ा अटका रहे हैं।
अन्ना ने लिखा था, “गुड़गांव पुलिस ने अग्रवाल की ओर से दायर एक फर्जी शिकायत पर अन्ना खेमे के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।”
अन्ना ने यह पत्र अपने गृहनगर महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि से 29 दिसंबर, 2013 को लिखा था।
अन्ना ने लिखा था, “यद्यपि मैं अपनी खुद की प्रतिमा लगाए जाने के खिलाफ हूं, लेकिन मेरे साथ जुड़े एक कार्यकर्ता पी.एल. कटारिया और उनकी टीम के लोग गुड़गांव में एक चौराहे पर प्रतिमा लगाना चाहते हैं। मैं आपसे (राजनाथ) अनुरोध करता हूं कि कटारिया की मदद करें।”
कटारिया और अन्य कार्यकर्ताओं ने राजनाथ से तीन जनवरी को उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की थी और राजनाथ ने पूरी मदद का भरोसा दिया था।
कटारिया ने आईएएनएस से कहा, “किसी ने कुछ सप्ताह पहले प्रतिमा से अन्ना की अंगुली काट दी थी, तीन दिन पहले उनका हाथ काट दिया और अब उनका सिर काट दिया।”
कटारिया ने कहा, “मैं प्रतिमा का हाथ दुरुस्त कराने के लिए किसी कलाकार का लाने के प्रयास में जयपुर में था, लेकिन अब तो कोई उनका सिर ही काट ले गया।”
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