भोपाल, 7 जून (आईएएनएस)। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) द्वारा पहली बार आयोजित किए जाने वाले महत्वाकांक्षी नेशनल स्कूल क्रिकेट लीग (एनएससीएल) के लिए देशव्यापी टैलेंट हंट प्रोग्राम के दूसरे चरण में तीन अगस्त से भोपाल और इंदौर में तीन दिवसीय ट्रॉयल्स आयोजित होंगे। पहले चरण में 27 जुलाई से जयपुर और चंडीगढ़ में ट्रॉयल्स का आयोजन होगा।
चुने गए खिलाड़ी अपने शहर का प्रतिनिधित्व करते हुए एनएससीएल में हिस्सा ले सकेंगे। इस लीग से श्रेष्ठ 24 खिलाड़ियों का चयन होगा और इनमें से 16 संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले एशियाई स्कूल क्रिकेट चैम्पियनशिप में एसजीएफआई के बैनर तले भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
ट्रॉयल्स के लिए एनएसजीलीग डॉट कॉम पर पंजीकरण कराया जा सकता है। पंजीकृत खिलाड़ी तीन दिवसीय कैम्प में शिरकत करेंगे। एनएससीएल के लिए श्रेष्ठ खिलाड़ियों के चयन की जिम्मेदारी भारतीय टीम के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर के कंधों पर है। वेंगसरकर इस लीग के मेंटॉर हैं।
एनएससीएल के लिए 20 शहरों में ट्रॉयल्स का आयोजन होगा और इसके माध्यम से 16 शहरों की टीम बनाई जाएगी, जो एनएससीएल में हिस्सा लेगी। लीग में हिस्सा लेने वाली टीमों को चार-चार के चार ग्रुप में विभाजित किया जाएगा।
एनएससीएल में देश की श्रेष्ठ प्रतिभाएं हिस्सा ले सकें और अधिक से अधिक खिलाड़ियों को ट्रायल्स में शरीक होने का मौका मिले, इसके लिए यह तय किया गया है कि मध्य प्रदेश से सटे दूसरे राज्यों के भी स्कूली छात्र भी भोपाल में लगने वाले ट्रॉयल्स में शरीक हो सकते हैं। यही नहीं, इंदौर में होने वाले ट्रायल्स में भी दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों को ट्रॉयल्स देने की छूट होगी।
ट्रॉयल्स की तारीख नजदीक आने के साथ एसजीएफआई के संयुक्त सचिव प्रदीप मिश्रा स्कूली छात्रों से मिल रहे रेस्पांस से काफी उत्साहित हैं। मिश्रा ने कहा, ”देश भर से हजारों आवेदन आ रहे हैं। हमने ट्रॉयल्स के लिए कोई भौगोलिक सीमा तय नहीं की है और इसी कारण मैं उत्तर भारत से अधिक से अधिक छात्रों को जयपुर तथा चंडीगढ़ जाकर ट्रॉयल्स में हिस्सा लेने की अपील करता हूं।”
मेंटॉर वेंगसरकर ने जमीनी स्तर पर प्रतिभा तलाशने की पहली औ इतनी बड़ी जिम्मेदारी को लेकर उत्साह जाहिर किया। वेंगसरकर ने कहा, “मैं अधिक से अधिक छात्रों से ट्रॉयल्स में हिस्सा लेने की अपील करना चाहूंगा। इससे चयन समिति में शामिल लोगों को बेहतरीन टीम चुनने में मदद मिलेगी। मैं चयनित खिलाड़ियों पर नजर रखूंगा और उनके साथ कैम्प में 10 दिनों तक काम करूंगा।”
एनएससीएल के पहले संस्करण में शामिल 16 टीमों को चार-चार के चार ग्रुप में विभाजित किया जाएगा और प्रत्येक ग्रुप से दो टीमें नॉकआउट दौर में जाएंगी। इसके बाद वेंगसरकर राष्ट्रीय कैम्प के लिए 24 खिलाड़ियों का चयन करेंगे। ये खिलाड़ी किसी भी टीम के हो सकते हैं। अगर कोई टीम पहले दौर में हार जाती है और उसका कोई खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन कर अपना दावा पेश करता है तो उसका चयन हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा। 24 में से अंतिम रूप से 16 खिलाड़ियों का चयन होगा, जो आईसीसी अकादमी में देश के लिए खेलेंगे।
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