कोलकाता, 8 जून (आईएएनएस)। सार्वजनिक क्षेत्र का यूको बैंक डूबे हुए कर्ज की वसूली और खर्च कम करने पर जोर दे रहा है। बैंक ने अपनी सालाना रपट में कहा है कि उसे एनसीएलटी में समाधान के जरिए डूबे हुए कर्ज की वसूली की उम्मीद है और पूंजीगत जरूरत के लिए अग्रिम धन की कमी पर जोर देते हुए बैंक खर्च में कटौती कर रहा है।
बैंक ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में बैंकिंग क्षेत्र में खासतौर से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का प्रदर्शन सुस्त रहा है।
अनुसूचित बैंकों के डूबे हुए कुल कर्ज (जीएनपीए) का अनुपात 10 फीसदी बढ़ गया है।
बैंक ने अपनी सालाना रपट में कहा है, “मौजूदा दौर में बैंक की भविष्य की योजना व रणनीति डूबे हुए कर्ज को कम करना और गिरावट को रोकना है।”
यूको बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ आर. के. ठक्कर ने हितधारकों को संबोधित करते हुए कहा, “बैंक एनसीएलटी के समाधान के जरिए डूबे हुए बड़े कर्ज की वसूली की उम्मीद करता है।”
बैंक का कुल एनपीए मार्च 2017 के 17.12 फीसदी से बढ़कर मार्च 2018 में 24.64 फीसदी हो गया है।
dharmpath.com dharmpath