इस्लामाबाद, 28 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि ईशनिंदा करने वाली पीढ़ी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय नीति की अनुपस्थिति मुस्लिम देशों की एक तरह से ‘सामूहिक विफलता’ है।
डॉन न्यूज के मुताबिक, प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार सीनेट को संबोधित करते हुए खान ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार संयुक्त राष्ट्र के समक्ष मामला उठाएगी। उन्होंने कहा, “हालांकि, मुझे नहीं लगता कि इससे ज्यादा कुछ होगा।”
सीनेट ने डच फ्रीडम पार्टी और संसदीय नेता गीर्ट विल्डर्स द्वारा ईशनिंदा वाले व्यंग्य चित्रों की प्रतियोगिता आयोजित करने को लेकर की गई घोषणा की ओर संयुक्त राष्ट्र का ध्यान दिलाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया।
पिछले हफ्ते पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने विल्डर्स की घोषणा के खिलाफ नीदरलैंड्स के उपराजदूत के यहां आपत्ति दर्ज कराया था।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार इस मामले को इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) में उठाएगी और मुस्लिम देशों से सामूहिक नीति के साथ आने के लिए कहेगी, जिसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर लाया जा सकता है।”
उन्होंने कहा, “यह काम वर्षो पहले किया जाना चाहिए था।”
इमरान ने कहा, “हमें इस मामले के लिए एक समान नीति की आवश्यकता है, ताकि लोग बार-बार हमारी भावनाओं को आहत नहीं कर सकें।”
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