तेहरान, 3 सितंबर (आईएएनएस)। ईरान के विदेशी मामलों की रणनीतिक परिषद के प्रमुख कमल खराजी ने रविवार को कहा कि 2015 के ईरान परमाणु समझौते को बचाने के लिए यूरोप के लचर प्रयासों का गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
ईरान के पूर्व विदेश मंत्री खराजी ने कहा,”प्रतिबंधों को फिर लागू करना, अमेरिका के दबाव और यूरोप की निष्क्रियता के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।”
उन्होंने तेहरान में मध्यपूर्व के ब्रिटेन के मंत्री एलिस्टेयर बर्ट के साथ बैठक के दौरान यह टिप्पणी की।
बर्ट ने कहा कि जेसीपीओए पर ब्रिटेन की स्थिति अमेरिका से पूरी तरह अलग है।
बर्ट ने कहा, “हम जेसीपीओए की सफलता के लिए एक यूरोपीय तंत्र बनाने को तत्पर हैं।”
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ईरान के साथ संबंध बढ़ाना चाहता है।
ईरान ने अमेरिका के परमाणु समझौते से हटने के बाद ईरान के हितों की रक्षा के लिए यूरोप से व्यावहारिक व ठोस उपाय तत्काल करने का आह्वान किया।
dharmpath.com dharmpath