नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। विश्व के सबसे बड़े सवारी-साझा करने वाले प्लेटफॉर्मो में से एक ओला ने मंगलवार को बंगलुरू, मुंबई और पुणे में पायलट प्रोजेक्ट ‘गार्डियन’ लांच किया। कंपनी का दावा है कि यह रियल टाइम निगरानी प्रणाली प्लेटफार्म पर मौजूद अपने ग्राहकों की सवारी सुरक्षा को और अधिक मजबूत करेगी।
कंपनी की विज्ञप्ति के मुताबिक, यह प्रणाली ओला के राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यक्रम ‘स्ट्रीट सेफ’ का हिस्सा है। राइड शेयरिंग उद्योग में यह अपनी तरह की पहली प्रणाली है। गार्डियन अगले महीने के अंत तक दिल्ली और कोलकाता में लाइव हो जाएगा और इस साल के अंत तक अन्य शहरों में शुरू कर दिया जाएगा।
प्रोजेक्ट गार्डियन के भाग के रूप में, सवारी संकेतकों का विश्लेषण करके सभी यात्राओं पर नजर रखी जाएगी, इनमें मार्ग से होने वाले विचलन, अप्रत्याशित रूप से और यात्रा के दौरान बीच में रुकना आदि शामिल होंगे।
ओला ने इस परियोजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निबटने पर ध्यान केंद्रित करते हुए इसमें रीयल-टाइम डेटा का एकीकरण किया है। इसके अलावा, ओला निगरानी प्रणाली के प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए निगरानी प्लेटफार्म में सुरक्षा की ²ष्टि से खतरे वाले बिंदुओं एवं असुरक्षित मार्गो का मानचित्रण करने के लिए अधिकारियों के साथ काम कर रही है।
‘स्ट्रीट सेफ’ के हिस्से के रूप में ओला अपने प्लेटफार्म पर वास्तविक ड्राइवर के स्थान पर दूसरे व्यक्ति द्वारा वाहन चलाने की समस्या का समाधान करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। अपने पायलट प्रोग्राम की सफलता से प्रेरित होकर ओला ने देशभर में अपनी तकनीक संचालित सेल्फी प्रमाणन पहल की घोषणा की है।
कंपनी के उपाध्यक्ष अंकुर अग्रवाल ने कहा, “ओला एप्प को अपडेट भी कर दिया गया है और अब इसमें ड्राइवर-भागीदारों के बड़े फोटो शामिल किए जाएंगे, ताकि ग्राहक उनकी प्रामाणिकता को सत्यापित कर सकें और वास्तविक ड्राइवर के स्थान पर ड्राइवर बनने वाले व्यक्तियों की रिपोर्ट कर सकें।”
उन्होंने कहा कि ओला हवाईअड्डों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर ऑफलाइन ऑडिट जांच की शुरुआत करेगी। प्रशिक्षित ऑडिट टीम न केवल ड्राइवर-भागीदारों को प्रमाणित करेगी, बल्कि कार की दशा की भी जांच करेगी।
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