संयुक्त राष्ट्र, 27 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर और सख्त प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है लेकिन फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने इसकी निंदा की है।
वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से निपटने के लिए एक चिरस्थाई रणनीति की मांग की, जो सिर्फ आर्थिक प्रतिबंधों पर ही केंद्रित नहीं हो।
ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सत्र की अध्यक्षता करते हुए 2015 के ईरान परमाणु समझौते को भयावह और एक तरफा समझौता बताया, जिससे ईरान लगातार परमाणु हथियार बनाता रहेगा।
ट्रंप प्रशासन ने अगस्त में ईरान पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे और वह नवंबर में तेहरान की तेल बिक्री पर और भी प्रतिबंध लगाएगा।
ट्रंप ने कहा, “हमारे ये नए प्रतिबंध और भी सख्त होंगे। कोई भी कंपनी और शख्स जो इन प्रतिबंधों का पालन नहीं करेगा, उसे गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ेगा।”
गौरतलब है कि अमेरिका ने बीते मई में ईरान परमाणु समझौते से बाहर निकलने का ऐलान किया था। इस समझौते पर ईरान के अलावा फ्रांस, ब्रिटेन, चीन, रूस और जर्मनी ने भी हस्ताक्षर किए हैं और ये सभी देश इस समझौते में बने हुए हैं।
ईरान परमाणु समझौते से बाहर निकलने पर अमेरिका ने तेहरान पर प्रतिबंध लगा दिए थे।
ट्रंप के सुरक्षा परिषद में संबोधन के बाद मैक्रों ने कहा कि हालांकि 2015 का ईरान समझौता परफेक्ट नहीं है लेकिन फिर भी वह अमेरिका के ईरान पर प्रतिबंधों की निंदा करते हैं।
मैक्रों ने कहा, ‘हमें इस संकट से निपटने के लिए एक लंबी अवधि क रणनीति बनानी पड़ेगी।”
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने भी ईरान परमाणु समझौते को बनाए रखने की प्रतिबद्धता जातई।
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