काबुल, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। अफगानिस्तान में शुक्रवार को बहुप्रतीक्षित आम चुनाव के लिए तैयारियां पूरे जोरों पर हैं।
काबुल, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। अफगानिस्तान में शुक्रवार को बहुप्रतीक्षित आम चुनाव के लिए तैयारियां पूरे जोरों पर हैं।
इस चुनाव के लिए जारी उम्मीदवारों की सूची में अधिक शिक्षित युवा शामिल हैं, जो भ्रष्ट संसद में सुधार के लिए तैयार हैं।
संसद के निचले सदन में 249 सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले 2,500 से अधिक उम्मीदवार युवा पेशेवर हैं, जिनकी उम्र 20 से 30 के बीच में है। इसमें पत्रकार, खिलाड़ी, व्यापारी, शिक्षक और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं।
समाचार एजेंसी एफे को दिए बयान में एक युवा उम्मीदवार सलेहा सोआदत ने कहा, “एक संसदीय संवाददाता के रूप में मैंने उन सांसदों को देखा है, जो प्रशासन से अनजान हैं और अशिक्षित हैं। उनमें से कुछ तो माफिया समूह के भी सदस्य हैं। वे संसद में धन के घोटाले के लिए आए हैं और अन्य अपने व्यापार को बढ़ाने।”
29 वर्षीया सालेहा ने कहा कि उन्होंने अपराधियों, माफिया, नशीली दवाओं के तस्कर और भूमि हथियाने वाले लोगों के समूह को चुनौती देने के लिए इस चुनाव में उतरने का फैसला किया।
ये युवा भले ही अफगानिस्तान की सरकार में भ्रष्टाचार को खत्म करने निकले हों, लेकिन इनके पास पैसे की ताकत नहीं है और इसीलिए ये गली-मोहल्लों में घर-घर जाकर लोगों से समर्थन की मांग कर रहे हैं।
सालेहा ने कहा, “मेरे अभियान में मैंने काबुल के कई गांवों का दौरा किया है। ये वो गांव हैं, जहां अपनी जीवन की चिंता करने वाले धनवान, हत्यारे और अपराधी नहीं जा सकते। मैंने देखा है कि हमारे लोग ऐसे भ्रष्ट राजनेताओं से परेशान हो चुके हैं। मैं आश्वस्त हूं कि लोग ईमानदारी और सच्चाई के लिए वोट करेंगे।”
‘वर्ल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट’ की ओर से 2016 में किए गए सर्वेक्षण से यह पता चला कि अफगानिस्तान के लोगों ने अपनी विधायिका को अपनी न्यायपालिका के बाद दूसरी सबसे भ्रष्ट संस्था के रूप में पहचाना है।
एक अन्य 34 वर्षीय उम्मीदवार सामी मेहदी ने समाचार एजेंसी एफे को दिए बयान में कहा, “कई सांसद ऐसे हैं, जिन्होंने काबुल में बड़े अपराध किए हैं जैसे हत्या, भूमि हथियाना और अवैध खनन। लेकिन संसदीय प्रतिरक्षा के कारण उनका नाम कभी सामने नहीं आया।”
कई दशकों तक एक पत्रकार के रूप में काम करने वाले काबुल विश्वविद्यालय में लेक्चरर मेहदी ने कहा कि संसद में भ्रष्टाचार को खत्म करने के अलावा उनके अभियान का लक्ष्य महिला अधिकार और आंतरिक सुरक्षा भी है।
इस साल 20 अक्टूबर को 3.4 करोड़ अफगानिस्तान निवासियों में से 90 लाख निवासी आम चुनाव में मतदान करेंगे।
उल्लेखनीय है कि तालिबान ने इस आम चुनाव को अमेरिकी प्रक्रिया करार देते हुए कहा था कि वे इसका विरोध करेंगे।
स्वतंत्र चुनाव आयोग (आईईसी) के प्रवक्ता अब्दुल अजीज इब्राहिमी ने समाचार एजेंसी एफे को दिए बयान में कहा कि आम चुनाव में मतदान के दिन 7,384 मतदान केंद्रों में से 2,384 केंद्र निष्क्रिय रहेंगे, क्योंकि ये केंद्र तालिबान के नियंत्रण वाले जिलों में हैं।
अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत में गुरुवार को हुए आत्मघाती हमले में आम चुनाव के एक उम्मीदवार सालेह मोहम्मद अचाकजाई सहित उनके सात समर्थक मारे गए और 11 अन्य लोग घायल हुए।
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