नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। प्रौद्योगिकी कंपनी बर्डी ने गुरुवार को भारत में ऑन-डिमांड एप के लांच की घोषणा की। इस एप की सबसे खास बात यह है कि इसमें प्रति किलोमीटर छह रुपये निश्चित किराया नीति है और कंपनी का कहना है कि वह सर्ज प्राइसिंग की होड़ में शामिल नहीं होगी।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि बर्डी की सेवा शुरू में दिल्ली-एनसीआर में उपलब्ध है और इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य शहरों में लाया जाएगा।
बर्डी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऋषभ श्रीवास्तव ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, “बर्डी में एक निश्चित प्रति किलोमीटर किराया नीति है जिसका सर्ज प्राइसिंग की होड़ में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। हम मौजूदा मॉडल को सुव्यवस्थित करने की दिशा में काम करेंगे, जो उपभोक्ताओं और ड्राइवर्स की कमाई का बड़ा हिस्सा खा जाते हैं। हम अपने उपभोक्ताओं और भागीदारों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी काम करने की कोशिश करेंगे।”
ऋषभ ने कहा कि यह सुनिश्चित करता है कि चालक इस मंच के माध्यम से अपनी पूरी कमाई घर ले जाएं क्योंकि इसमें कोई कमीशन प्रतिशत नहीं लिया जाएगा। चालक भागीदारों के लिए प्लेटफॉर्म लाइसेंसिंग शुल्क 2000 रुपये प्रति माह है। बर्डी के साथ ड्राइवरों को परिचित करने के लिए, पहले महीने के लिए लाइसेंस शुल्क में छूट दी गई है।
उन्होंने कहा, “फिलहाल हमारे प्लेटफार्म पर 12 हजार कैब ड्राइवर जुड़ चुके हैं। अगले छह महीने में इसे बढ़ाकर 50 हजार करने का हमारा लक्ष्य है। इस तरह अगले छह महीने में हम 50 हजार लोगों को रोजगार देने में सक्षम होंगे।”
अन्य कैब एग्रीगेटर कंपनियों से यह कंपनी इस तरह अलग है इस पर ऋषभ ने कहा, “हम कोई कमीशन नहीं रहे और इस तरह चालकों को प्रति किलोमीटर ज्यादा लाभ है। बिलिंग प्रक्रिया पारदर्शी है और बिल में विस्तृत विवरण भी देखा जा सकेगा कि किस मद में कितना चार्ज किया गया है। कैब बुक होने पर ड्राइवरों को क्षेत्र की सूचना मिल जाती है।”
कंपनी ने कहा कि बर्डी एप आईओएस और एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म दोनों पर उपलब्ध है।
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