नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। देश में रत्न सत्यापन व मूल्यांकन की अग्रणी व स्वतंत्र वैश्विक संस्था इंटरनेशनल जेमोलोजिकल इंस्टीट्यूट (आईजीआई) ने इस त्योहारी सीजन में रत्नाभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों से सिर्फ प्रमाणित हीरा ही खरीदने की अपील की है।
नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। देश में रत्न सत्यापन व मूल्यांकन की अग्रणी व स्वतंत्र वैश्विक संस्था इंटरनेशनल जेमोलोजिकल इंस्टीट्यूट (आईजीआई) ने इस त्योहारी सीजन में रत्नाभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों से सिर्फ प्रमाणित हीरा ही खरीदने की अपील की है।
प्रमाणिक रत्नाभूषण की खरीदारी को लेकर आईजीआई ने धनतेरस से पहले एक महीने का जागरूकता अभियान ‘ऑन ए बिलियन ईयर ओल्ड डायमंड’ चलाया है। इस अभियान में आईजीआई के साथ देश के 24 शहरों के प्रमुख आभूषण विक्रेता शामिल हुए हैं। रत्नाभूषण खरीदारी का शुभ त्योहार धनतेरस पांच नवंबर को है।
आईजीआई के अनुसार, मूल्य के प्रति जागरूक भारतीय ग्राहकों और संगठित रत्नाभूषण विक्रेताओं के कारण हीरे के सत्यापन कारोबार में 25 फीसदी की वृद्धि हुई है।
आईजीआई-इंडिया के प्रबंध निदेशक तेहमास्प प्रिंटर ने कहा, “भारत में रत्न विज्ञान संबंधी जानकारी व विशेषज्ञता का प्रसार में हमारा लैब अव्वल है। हीरा, रत्न और आभूषण प्रमाणन में हम बाजार में अग्रणी हैं। हीरा और हीरे के आभूषण की खरीदारी में हम ग्राहकों के हितों की रक्षा करते हैं। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि आईजीआई से जो हीरा प्रमाणित है वह प्राकृतिक हीरा है और अरब वर्ष पुराना है।”
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