इस्लामाबाद, 20 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के बीच एक सहायता कार्यक्रम के प्रमुख क्षेत्रों में कठिन शर्तो को लेकर मतभेंद पैदा हो गया है। इसमें ऊर्जा मूल्यों में फिर से वृद्धि, ज्यादा करों व चीन की वित्तीय सहायता का पूरा खुलासा शामिल है।
वित्तमंत्री असद उमर ने आईएमएफ दल के साथ सोमवार को श्रृंखलाबद्ध बैठकों के बाद कहा, “अभी भी आईएमएफ व हमारे दृष्टिकोण के बीच अंतर है।”
‘डॉन न्यूज’ के मुताबिक, उन्होंने कहा कि बातचीत लगातार सकारात्मक हो रही है और मतभेद दूर हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सऊदी अरब द्वारा तीन अरब डॉलर की प्रतिबद्धता में से एक अरब डॉलर, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान को सोमवार को प्रेषित किया गया था और बाकी के दो अरब डॉलर अगले कुछ दिनों बाद प्रेषित किया जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्षों की बिजली मूल्य में बढ़ोतरी की जरूरत, राजस्व लक्ष्य की समीक्षा, चीन की सहायता से जुड़े मामलों में अतिरिक्त कर उपायों व इसके प्रभावों की स्थिति में व्यापक अंतर है।
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