ब्रसेल्स, 28 जनवरी (आईएएनएस)। जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने के अपने प्रयासों को बढ़ाने के लिए बेल्जियम सरकार और यूरोपीय संघ (ईयू) पर दबाव बनाने के मकसद से ब्रसेल्स में करीब 70,000 लोगों ने दूसरे ‘राइज फॉर क्लाइमेट’ मार्च में हिस्सा लिया।
ब्रसेल्स, 28 जनवरी (आईएएनएस)। जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने के अपने प्रयासों को बढ़ाने के लिए बेल्जियम सरकार और यूरोपीय संघ (ईयू) पर दबाव बनाने के मकसद से ब्रसेल्स में करीब 70,000 लोगों ने दूसरे ‘राइज फॉर क्लाइमेट’ मार्च में हिस्सा लिया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, रविवार को हुआ यह मार्च बेल्जियम का अब तक का सबसे बड़ा जलवायु मार्च बताया गया।
यह मार्च दोपहर 1.30 बजे गारे डू नॉर्ड से शुरू हुआ और भीड़ दोपहर करीब तीन बजे यूरोपीय संसद के मुख्यालय प्लेस डू लक्जमबर्ग पहुंची, जहां कई भाषण और कॉन्सर्ट हुए।
आयोजकों ने प्रदर्शनकारियों से कहा, “मानवता पृथ्वी पर अब तक की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रही है, और यह जरूरी है कि हमें अपने राजनेताओं को जवाबदेह बनाना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “यह लड़ाई लंबी और कठिन मालूम पड़ रही है, लेकिन हम इसे ऐसे ही नहीं जाने देंगे।”
प्रदर्शनकारियों ने बैनर और प्लाकार्ड थाम रखे थे, जिन पर ‘नो मोर कंपनी कार्स’ (कंपनी की कारें और नहीं), ‘एक्ट नाओ’ (अभी कदम उठाएं), ‘नो टाइम टू वेस्ट’ (बर्बाद करने के लिए समय नहीं) लिखा हुआ था।
इससे पहले ब्रसेल्स में पिछले साल दो दिसंबर को हुए प्रदर्शन में 65,000 लोगों ने हिस्सा लिया था।
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