नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। देश के सबसे बड़े चना उत्पादक राज्य मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों और देश के अन्य भागों में पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि के बाद गुरुवार को चना के हाजिर और वायदा भाव में जोरदार उछाल आया। हालांकि चने के दाम में आई तेजी में कारोबारी सटोरियों का भी हाथ बताते हैं।
कृषि उत्पादों के देश के सबसे बड़े वायदा बाजार नेशनल कमोडिटी एंड डेरीवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीएक्स) पर चने का भाव पिछले सत्र के मुकाबले दिनभर के कारोबार के दौरान सबसे सक्रिय सौदे में 126 रुपये प्रतिक्विंटल तक उछला।
एनसीडीएक्स पर मार्च डिलीवरी चना सौदा 91 रुपये यानी 2.17 फीसदी की बढ़त के साथ 4,293 रुपये प्रतिक्विं टल पर बना हुआ था, जबकि सौदे में निचला स्तर 4,210 रुपये और ऊपरी स्तर 4,3,28 रुपये प्रतिक्विंटल दर्ज किया गया।
दिल्ली की लॉरेंस रोड मंडी में राजस्थान लाइन चना 4,400-4,425 रुपये और मध्यप्रदेश लाइन चना 4,325 रुपये प्रति क्िंवटल रहा। इंदौर में चने का भाव 4,225-4,250 रुपये प्रति क्विंटल था। अकोला में चने की नई फसल 4,450 रुपये प्रतिक्विंटल और नागपुर में 4,400 रुपये प्रति क्वि ंटल बिकी। दिल्ली में चने के दाम में 50-75 रुपये और इंदौर में 90 रुपये प्रतिक्विंटल की तेजी दर्ज की गई।
ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों और देश के अन्य भागों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है, जिसमें फसल खराब होने की आशंकाओं से कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र समेत देश के कुछ अन्य हिस्सों में चने की नई फसल आ चुकी है, इसलिए तेजी की कोई वजह नहीं है। उन्होंने कहा कि सटोरियों की सक्रियता से चने में तेजी देखी जा रही है।
वहीं, बाजार के एक सूत्र ने बताया कि दो दिनों से अफवाह है कि भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) कुछ जगहों पर चने की बिकवाली बंद करने जा रहा है, इसलिए कीमतों में जोरदार उछाल आया है।
हालांकि नेफेड के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि इस तरह की कोई सूचना नहीं है क्योंकि नेफेड खरीद का सीजन शुरू होने पर ही बिकवाली बंद करता है।
मुंबई के दलहन बाजार विश्लेषक अमित शुक्ला ने भी बताया कि अफवाह से ही चने के दाम में तेजी आई है क्योंकि नेफेड के पास पिछले साल का चना का काफी स्टॉक पड़ा हुआ है और अगले कुछ दिनों में देशभर में चने की नई फसल बाजार में आ जाएगी, इसलिए कीमतों में तेजी की गुंजाइश इस समय नहीं दिख रही है।
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