संयुक्त राष्ट्र, 29 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आतंकी गतिविधियां रोकने व इसके वित्तीय सहायता पर लगाम लगाने के लिए एक प्रस्ताव को अपनाया है। यह देशों को आतंकी समूहों को वित्तीय मदद देने से रोकने का आह्वान करता है। विशेष रूप से इसके नए स्वरूपों में।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने गुरुवार को बताया कि फ्रांस द्वारा लाया गया प्रस्ताव 2462 मौजूदा प्रस्ताव का नया स्वरूप है और इसमें आतंकी गतिविधयों के लिए वित्तीय मदद और नई चुनौतियों के स्वरूपों को शामिल किया गया है।
प्रस्ताव में चिंता व्यक्त की गई है कि आतंकवादी अपनी गतिविधियों के लिए वैध व्यवसायों और गैर-लाभकारी संगठनों का दुरुपयोग कर सकते हैं, और उभरते भुगतान के तरीकों का उपयोग कर सकते हैं, जैसे कि प्रीपेड कार्ड और मोबाइल भुगतान या वर्चुअल संपत्ति।
इसने आतंकवादियों और उनके सूचना व संचार प्रौद्योगिकी के समर्थकों द्वारा इंटरनेट, विशेष रूप से इंटरनेट पर आतंकवादी कृत्यों को बढ़ावा देने के साथ-साथ उकसाने, भर्ती करने, वित्त पोषण करने या आतंकवादी कृत्यों की योजना बनाने के लिए निरंतर उपयोग पर भी चिंता व्यक्त की।
इसलिए, प्रस्ताव में सभी देशों से वित्तीय लेनदेन की पारदर्शिता को बढ़ाने का आह्वान किया गया है जिसमें वर्चुअल संपत्ति से जुड़े संभावित जोखिमों का आकलन करना भी शामिल है।
अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमलों के जवाब में 2001 में प्रस्ताव 1373 को अपनाया गया था। आतंकवाद के वैश्विक खतरे का जवाब देने के लिए सभी देशों पर दायित्वों को लागू करने वाला यह पहला व्यापक प्रस्ताव था।
प्रस्ताव 2462 भी प्रस्ताव 1373 की पुष्टि करता है और विशेष रूप से इसके इस फैसले पर कि सभी देश आतंकवादी कृत्यों के वित्तपोषण को रोकेंगे और दबाएंगे और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल संस्थाओं या व्यक्तियों को किसी भी तरह का सक्रिय या निष्क्रिय समर्थन प्रदान करने से बचेंगे।
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