वाशिंगटन, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लागार्दे ने कहा है कि आयात शुल्क लगाने से व्यापार घाटा खत्म नहीं होगा और यह ‘आ बैल मुझे मार’ साबित होगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, उन्होंने 13वें सालाना पूंजी बाजार सम्मेलन में कहा कि यह सच है कि वैश्विक व्यापार से सबको फायदा नहीं मिला है, इसलिए व्यापार-प्रणाली में गड़बड़ी पैदा हुई, इसलिए प्रणाली में सुधार की जरूरत है।
लागार्दे ने कहा कि पिछले छह दशकों से 180 देशों के अनुभवों का विश्लेषण करने के बाद आईएमएफ ने पाया कि व्यापार समन्वय से स्पष्ट रूप से निवेश को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने कहा, “इसके विपरीत व्यापार में बाधाओं से निवेश और रोजगार को नुकसान होता है।”
लागार्दे ने कहा कि निष्कर्ष यह है कि दुनियाभर में में जारी व्यापारिक तनाव से आगे निवेश को नुकसान हो सकता है, जबकि निवेश पहले से ही कमजोर है।
आईएमएफ के एक नए शोध का जिक्र करते हुए लागार्दे ने कहा कि अगर अमेरिका और चीन के बीच व्यापार होने वाली सभी वस्तुओं पर आयात शुल्क 25 फीसदी तक बढ़ाया जाता है तो उससे अमेरिका में सालाना सकल घरेलू उत्पाद में 0.6 फीसदी तक और चीन में 1.5 फीसदी तक कमी आएगी।
उन्होंने कहा, “यह आ बैल मुझे मार की तरह है, जिससे दूर रहना चाहिए।”
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