खार्तूम, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। सूडान में सेना ने गुरुवार को राष्ट्रपति ओमर अल-बशीर को सत्ता से हटा दिया और कहा कि दो साल की संक्रमणकालीन अवधि के बाद वह चुनाव कराएगी।
तीस साल से सत्ता पर काबिज बशीर के खिलाफ बीते कई महीनों से आम लोग प्रदर्शन कर रहे थे जिसमें बीते कुछ दिनों में काफी तेजी आ गई थी।
सरकारी टीवी पर देश के रक्षा मंत्री अवद इब्न अउफ ने सेना द्वारा बशीर के तख्तापलट की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि सेना दो साल तक की संक्रमणकालीन अवधि (ट्रांजीशनल पीरियड) तक कामकाज देखेगी जिसके बाद चुनाव होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि देश में तीन महीने के लिए आपातकाल लगा दिया गया है।
बशीर 1989 से सत्ता में थे। बीते कुछ दिनों में लोगों के प्रदर्शन के दौरान सरकारी सुरक्षा बलों से सेना की झड़प भी हुई थी।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्री ने कहा कि बशीर को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन ‘वह एक सुरक्षित स्थान पर’ हैं।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से देखा जा रहा था कि देश में क्या चल रहा है और भ्रष्टाचार कैसे जारी है। गरीब, गरीब ही रहा और अमीर, अमीर बना रहा। लोगों के लिए समान अवसर नहीं रहे।
इससे पहले तख्तापलट के अनुमानों के बीच सूडान के सरकारी टीवी ने सुबह बताया कि सेना की तरफ से कोई जरूरी ऐलान किया जाने वाला है। हजारों लोग राजधानी खार्तूम में सेना के मुख्यालय के बाहर जमा हो गए।
दिसंबर में बशीर के खिलाफ प्रदर्शन की शुरुआत हुई। हाल के दिनों में इसमें तेजी आई और गुरुवार सुबह देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रदर्शनकारियों का रेला खार्तूम पहुंचने लगा। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी थीं।
एफे न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, सेना के ऐलान से पहले प्रदर्शनकारियों के बीच जश्न का माहौल देखा गया। लोग नाच-गा रहे थे। प्रदर्शनकारी और सैनिक एक-दूसरे के साथ हंसी-मजाक करते दिखे।
इससे पहले शनिवार को लोगों का धरना शुरू हुआ और जब सरकारी सुरक्षा एजेंसियों ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए अभियान शुरू किया तो सैनिक इन सुरक्षाकर्मियों से उलझे और रह-रह कर गोली चलने की आवाजें सुनाई दीं।
सेंट्रल कमेटी आफ सूडानीज डॉक्टर्स ने बताया कि धरना शुरू होने के बाद पांच सैनिकों समेत कुल 22 लोग मारे गए।
dharmpath.com dharmpath