आईएलएंडएफ बांड में फंसे मायो, वेल्हम, अमेरिकी दूतावास के स्कूल (आईएएनएस विशेष-4)

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। आईएलएंडएफएस के नुकसानदेह बांड की कहानी में अब भारत के कुछ अतिविशिष्ट शैक्षणिक संस्थान भी जुड़ गए हैं, जिनके कर्मचारियों की भविष्य निधियों का धन इस घोटाले में फंस गया है।

सरकार और उदय कोटक की अध्यक्षता में नया प्रबंधन असहाय होकर देख रहा है, लेकिन कुछ नहीं कर रहा है, क्योंकि मामले की सुनवाई राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीली न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में चल रही है।

एनसीएलएटी प्रभावित पक्षों की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई तेज करना चाहता है, लेकिन नया प्रबंधन/सरकार उन्हें नहीं छोड़ सकती हैं, जिन्हें कर्जदाता की कतार में प्राथमिकता मिली है।

आईएएनएस प्रमुखता से अपनी रपट में इस व्यापक आयाम के घोटाले की परतें खोल रही है और इसमें नई जानकारी जुड़ती जा रही है। शीर्ष अकादमिक संस्थान भी अब सीधे तौर पर इसकी जद में आ गए हैं। उनके कर्मचारियों का पीएफ इसके विषाणु से ग्रस्त हो चुका है।

श्रमसाध्य अनुसंधान से संकलित सूची में देहरादून स्थित वेल्हम गर्ल्स स्कूल, नई दिल्ली स्थित अमेरिकन एंबेसी स्कूल, कोडैकनाल इंटरनेशनल स्कूल, अजमेर स्थित प्रतिष्ठित मायो स्कूल की दो प्रविष्टियों का खुलासा हुआ है।

इसके अलावा, सूची में कोलकाता स्थित अशोका हाल और डीएवी कॉलेज ट्रस्ट की छह प्रविष्टियां, डीएवी कॉलेज की तीन प्रविष्टियां, मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन की 12 प्रविष्टियां और मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी की पांच अतिरिक्त प्रविष्टियां उजागर हुई हैं।

मणिपाल के पूर्व छात्रों में सत्या नडेला, राजीव सूरी, राजीव चंद्रशेखर, विकास खन्ना व अनेक अन्य चर्चित चेहरे उल्लेखनीय हैं। कैप्टन विक्रम बत्रा, आयुष्मान खन्ना और राजीव प्रताप रूड़ी डीएवी चंडीगढ़ के छात्र रहे हैं।

मायो के पूर्व छात्रों में कश्मीर के महाराजा हरि सिंह के अलावा जशवंत सिंह, के. नटवर सिंह और अमिताभ कांत शामिल हैं। वेल्हम की पूर्व छात्राओं में बृंदा करात, दीपा मेहता और राधिका रॉय शामिल रही हैं।

आईएलएंडएफएस के बांड तिहरे ‘ए’ की रेटिंग वाले होने से इनपर दूसरे की अपेक्षा अधिक भरोसा किया जाता था।

इन संस्थानों के शिक्षक बड़े कर्मचारी वर्ग का हिस्सा हैं, जिनकी बचत की राशि अब आईएलएंडएफएस के विषाक्त बांड में फंसी हुई है।

इसके अलावा, कोलकाता का एक अन्य उत्कृष्ट संस्थान- बेहला स्थित ओरिएंट डे स्कूल है, जिसके 107 संकाय सदस्यों ने भी कर्मचारी पीएफ का पैसा इन बांडों में निवेश किया है।

इसी प्रकार सरकारी संस्थान केंद्रीय विद्यालय भी इसमें शामिल हैं।

कुछ विशिष्ट बोर्डिग स्कूलों में शिक्षकों को वेतन अन्य स्कूलों के मुकाबले जरूर बेहतर होता होगा, क्योंकि इन स्कूलों की फीस अधिक होती है। मसलन, मायो कॉलेज में आवासीय शुल्क सालाना 6,50,000 रुपये और एनआईआई से 13,00,000 रुपये सालाना है। इसके अलावा, विकास शुल्क 26,600 रुपये और कंप्यूटर कक्षा का शुल्क 7,700 रुपये सालाना है। वहीं, कॉशन मनी 3,25,000 रुपये और एनआरआई से 6,50,000 रुपये ली जाती है। इसके अलावा, प्रवेश शुल्क 82,500 रुपये और एक बार आईटी शुल्क 24,900 रुपये, इंप्रेस मनी 40,000 रुपये और वर्दी अग्रिम 25,000 रुपये है।

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