लखनऊ, 11 नवंबर- अयोध्या भूमि विवाद मामले पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से रामनगरी में लोग विकास की चाहत के सपने सजाए बैठे हैं। विवाद के चलते विकास की जो रफ्तार धीमी चल रही थी, सरकार भी उसे तेज करने जा रही है। सरकार की मंशा इसे आगे चलकर धर्मिक पर्यटन का प्रमुख स्थल बनाने की है। यही कारण है कि 2017 के बाद से प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद पिछले ढाई साल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दर्जनों बार अयोध्या गए और वहां रामलला के दर्शन भी किए। उन्होंने तीन बार अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लिया और फैजाबाद जिले का नाम बदलकर उसे अयोध्या किया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि लोग यहां पर तमाम बंदिशें होने के चलते और भय के कारण यहां आने से कतराते थे, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद से यहां पर लोगों के आने का मार्ग प्रशस्त होगा।
अभिलाष मिश्रा कहते हैं, “प्रदेश में योगी सरकार के बनने के बाद से अयोध्या में विकास हुआ है। इसे प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में यहां और अधिक तेजी से विकास कराए जाने की आवश्यकता है।”
उन्होंने कहा कि विवाद पर फैसला आने से पहले ही केंद्र के बाद प्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने से अयोध्या की दशा सुधारने का खाका खींचा जाना शुरू हो गया था।
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