‘ओबामा का भारत दौरा विश्व के लिए महत्वपूर्ण संदेश’

वाशिंगटन, 22 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे को अमेरिकी अधिकारियों ने दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के लिए अपनी पूरी क्षमता के इस्तेमाल के रूप में विश्व को एक संदेश करार दिया।

वाशिंगटन, 22 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे को अमेरिकी अधिकारियों ने दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के लिए अपनी पूरी क्षमता के इस्तेमाल के रूप में विश्व को एक संदेश करार दिया।

उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बेन रोड्स ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद ही विदेश नीति में भारत के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने की शीर्ष प्राथमिकता तय की थी।

रोड्स ने कहा कि तब राष्ट्रपति ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की व्हाइटस हाउस में मेजबानी की थी। इसके बाद ओबामा ने भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा की थी।

रोड्स ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत में गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि बनने वाले ओबामा अमेरिका के पहले नेता होंगे। वे तीन दिवसीय दौरे पर भारत जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने तथा बढ़ते बाजार में निर्यात बढ़ाने की दिशा में अमेरिका का भारत के साथ सहयोग हमारे हितों के अनुरूप है।”

रोड्स ने कहा, “हमारा मानना है कि भारत के साथ घनिष्ठ संबंधों से हमारी एशियाई प्रशांत नीति को फायदा मिलेगा और यह व्यापक वैश्विक मुद्दों के मद्देनजर हमारे सहयोग पर आधारित है।”

उन्होंने कहा कि बीते लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात को स्पष्ट कर दिया था कि वह अमेरिका-भारत संबंधों को विस्तार देने के इच्छुक हैं।

रोड्स ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति को आमंत्रित कर एक अभूतपूर्व कदम उठाया है।

उन्होंने कहा “यह भारतीय लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।”

रोड्स ने कहा, “इस निमंत्रण ने विश्व, अमेरिकी और भारतीय नागरिकों को बेहद महत्वपूर्ण संदेश दिया है।”

उन्होंने कहा, “इस संबंध में असाधारण क्षमता है। हमें कुछ ऐसा करना होगा, जिससे दोनों देशों की जनता को इस क्षमता का ठोस लाभ मिले।”

रोड्स ने कहा, “एक समय में हमारे पास भारत के साथ एक प्रगतिशील एजेंडा होगा।”

उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति जो कुछ चाहते हैं, उसका अधिकांश हिस्सा अगले दो सालों में भारत के साथ घनिष्ठ सहयोग की बदौलत पूर्ण होगा।”

दक्षिण एशियाई मामलों के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के वरिष्ठ निदेशक फिल रेनर ने द्विपक्षीय संबंधों में इसे फलदायक पल बताया और कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इस तरह के आमंत्रण का विस्तार हमारे रिश्तों में गरमाहट लाना जारी रखेगा।”

उन्होंने कहा, “आतंकवाद एक ऐसा मुद्दा है, जो लोगों को एक कर सकता है।”

रोड्स ने कहा, “अमेरिका ने भारत तथा पाकिस्तान को द्विपक्षीय मुद्दों को सुलझाने के लिए वार्ता के लिए उत्साहित किया है और इस प्रक्रिया का समर्थन किया है।”

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कुछ आतंकवादी समूहों के कई आतंकवादी संगठनों के साथ गठजोड़ हैं जो भारत, अमेरिका तथा पाकिस्तान के लोगों के लिए खतरा हैं।

यह पूछे जाने पर कि भारत जाने से पाकिस्तान के साथ अमेरिका के कूटनीतिक रिश्तों पर कोई प्रभाव पड़ेगा, इस पर रोड्स ने कहा कि अमेरिका-पाकिस्तान का संबंध आश्चर्यजनक रूप से हमारी साझा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, “लेकिन चूंकि राष्ट्रपति ने पिछली बार भारत जाने को लेकर यह स्पष्ट किया था कि दोनों ही देशों से हमारे संबंध अपनी-अपनी जगह पर हैं। भारत एवं पाकिस्तान दोनों ही देशों के साथ हमारे संबंध मधुर होने चाहिए।”

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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