गांधीनगर, 16 मार्च – गुजरात में विपक्षी दल कांग्रेस ने कोरोनावायरस संकट के चलते सोमवार को वॉकआउट कर बजट सत्र को आगे बढ़ाने की मांग की।
दानिलिमदा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक शैलेश परमार ने कोरोनावायरस संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि चल रहे बजट सत्र 2020-21 को आगे बढ़ा देना चाहिए। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी द्वारा उनका ये प्रस्ताव रद्द कर दिया गया।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने एक प्रतिक्रिया में कहा, “इस समय ऐसे किसी कदम की जरूरत नहीं है जबकि पूरे राज्य में कोरोनावायरस का एक मामला भी नहीं आया है। चूंकि बजट सत्र लगभग आधा हो गया है और इसे आगे बढ़ाने का सवाल ही नहीं उठता। बतौर जनप्रतिनिधि हमें जनता की चिंता करनी चाहिए ना कि अपनी।”
उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने भी उनका समर्थन करते हुए कहा, “डरने की कोई जरूरत नहीं है। हमारे सभी छात्रों को कोरोना प्रभावित देशों से सुरक्षित वापस ले आया गया है। ”
दिलचस्प बात यह है कि जब कांग्रेसी विधायक विरोध कर रहे थे और नारे लगाते हुए सदन से बाहर जा रहे थे तो भाजपा विधायक उन्हें ‘अलविदा’ बोल रहे थे। इस पर अध्यक्ष ने कहा, “उनकी चिंता न करें, वो कल वापस आ जाएंगे।”
विपक्ष के नेता परेश धमानी ने कहा, “महाराष्ट्र के विधानसभा अध्यक्ष ने भी बजट सत्र रोकने का निर्णय लिया है। अन्य पड़ोसी राज्य भी कोरोनावायरस फैलने से रोकने के लिए महाराष्ट्र का अनुसरण करने का सोच रहे हैं।”
सोमवार सुबह अध्यक्ष ने घोषणा की कि शनिवार को उन्हें 4 कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे मिले हैं वहीं रविवार को एक और इस्तीफा मिला है।
इस्तीफा देने वाले विधायकों में प्रवीण मारू, प्रद्युमन सिंह, जेवी ककाडिया, सोमा गांडा पटेल और मंगल गावित डंग शामिल हैं।
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