भारत का सोना व्यापारी संकट में ,5000 टन सोना गलाने की नौबत

नई दिल्ली – केंद्र सरकार के जीएसटी और नोटबंदी जैसे ऐतिहासिक निर्णय से त्रस्त व्यापारी वर्ग अभी ठीक से उठ भी नहीं पाया था कि कोरोना ने फिर से उसकी कमर तोड़ दी। इसमें सबसे अधिक ज्वेलर्स और गोल्ड व्यापारी प्रभावित हुए। कोरोना काल में राहत की आस लगाए बैठे इन व्यापारियों को केंद्र सरकार ने गोल्ड ज्वेलरी (गहनों) की हॉलमार्किंग अनिवार्य कर एक और झटका दिया है। गोल्ड व्यापारी इसे ‘गोल्डबंदी’ बताते हुए इसका विरोध कर रहे हैं। जीएसटी, नोटबंदी के बाद अब ‘गोल्डबंदी’ से गोल्ड व्यापारी वर्ग टूटने के कगार पर आ गया है।
केंद्र सरकार के इस निर्णय से देशभर में ४ लाख गोल्ड व्यपारियों के पास रखे ५ हजार टन सोने को फिर से गलाना होगा, जिससे उन्हें बड़ा नुकसान होगा। कोरोना काल में ६० हजार करोड़ रुपए का नुकसान झेल रहे गोल्ड व्यापारियों को अब सरकार से राहत की आस थी लेकिन हो उसके विपरीत रहा है। कुछ ढील मिले इस संदर्भ में मंगलवार देर रात केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ गोल्ड एंड ज्वेलरी एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक चलती रही। इस बारे में इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कुमार जैन ने कहा कि केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद से अब ज्वेलर सिर्पâ हॉलमार्विंâग वाली ज्वेलरी ही खरीद और बेच सकेंगे, जो व्यापारियों के लिए सबसे बड़ा संकट है। कोरोना की वजह से पुराना गोल्ड बिक नहीं पाया। आज भी ५ हजार टन सोना व्यापारियों के पास जमा है। वह बिक नहीं पाया, अब उसे गलाना बहुत बड़े नुकसान का सौदा होगा। हमने मोदी सरकार के कार्यकाल में नोटबंदी तो देख ली और अब ‘गोल्डबंदी’ देखेंगे। जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोट काउंसिल के चेयरमैन कोलिन शाह के अनुसार कोई भी नया नियम आता है तो परेशानी होती है।
छोटे व्यापारियों को बंद करना पड़ सकता है व्यापार?
व्यापारियों का कहना है अब पुराने सोने का स्टॉक जिस पर १४, १८, २२ कैरेट का हॉलमार्वâ नहीं होगा, उसको व्यापारी बाजार में नहीं बेच पाएंगे। हालांकि पुराने स्टॉक की हॉलमार्विंâग के लिए कुछ महीने का समय लगेगा लेकिन तब तक माल स्टॉक में ही रहेगा। कोरोना के चलते व्यापारी पहले ही माल बेच नहीं सके, उस पर नए नियम भारी पड़नेवाले हैं। यदि वे बिना हॉलमार्वâ का गोल्ड बेचते पकड़े गए तो एक लाख रुपए दंड होगा और जब्त किए गए सोने की कीमत के अनुसार तीन गुना तक पेनॉल्टी लगेगी। गोल्ड व्यापारियों का कहना है ऐसे में सुनार क्या करेगा, दुकान बंद करने के अलावा क्या विकल्प बचेगा? आप ही बताइए।

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