• हमारे बारे में
  • विज्ञापन
  • संपर्क करें

dharmpath.comdharmpath.com dharmpath

  • धर्मपथ
  • विश्व
  • भारत
  • राज्य का पन्ना
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • विज्ञान
  • पर्यटन
  • प्रशासन
  • खुसुर फुसुर
  • ब्लॉग से
  • धर्म-अध्यात्म

बिना वसीयत हिंदू पिता की मृत्यु होने पर संपत्ति में बेटी का भी हक़ः सुप्रीम कोर्ट

January 23, 2022 99 Views

नई दिल्ली– सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसले में कहा कि बिना वसीयत के मृत हिंदू पुरुष की बेटियां पिता की स्व-अर्जित और अन्य संपत्ति पाने की हकदार होंगी और उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों की अपेक्षा वरीयता मिलेगी.

अदालत का यह फैसला मद्रास हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ दायर अपील पर आया है, जो हिंदू उत्तराधिकार कानून के तहत हिंदू महिलाओं और विधवाओं को संपत्ति अधिकारों से संबंधित था.

जस्टिस एस. अब्दुल नजीर और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि वसीयत के बिना किसी हिंदू पुरुष की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति चाहे वह स्व-अर्जित संपत्ति हो या पारिवारिक संपत्ति के विभाजन में मिली हो, उसका उत्तराधिकारियों के बीच बंटवारा होगा.

पीठ ने इसके साथ ही कहा कि ऐसे हिंदू पुरुष की बेटी अपने अन्य संबंधियों (जैसे मृत पिता के भाइयों के बेटे/बेटियों) के साथ वरीयता में संपत्ति की उत्तराधिकारी होने की हकदार होगी.

पीठ किसी अन्य कानूनी उत्तराधिकारी की अनुपस्थिति में बेटी को अपने पिता की स्व-अर्जित संपत्ति को लेने के अधिकार से संबंधित कानूनी मुद्दे पर गौर कर रही थी.

जस्टिस मुरारी ने पीठ के लिए 51 पृष्ठों का फैसला लिखते हुए इस सवाल पर भी गौर किया कि क्या ऐसी संपत्ति पिता की मृत्यु के बाद बेटी को मिलेगी जिनकी वसीयत तैयार किए बिना मृत्यु हो गई और उनका कोई अन्य कानूनी उत्तराधिकारी नहीं हो.

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने कहा, ‘बिना वसीयत के हिंदू पिता की मृत्यु पर उनके द्वारा अर्जित संपत्ति, अन्य संपत्तियों और विभाजन में मिली संपत्ति पर विधवा या बेटी का अधिकार न सिर्फ हिंदू कानून में मान्यता प्राप्त है बल्कि अदालत के विभिन्न न्यायिक फैसलों में भी इन्हें मान्यता दी गई है.’

अदालत ने यह भी कहा, ‘अगर किसी हिंदू महिला की बगैर वसीयत किए मृत्यु हो जाती है तो, जो संपत्ति उसे अपने पिता या माता से विरासत में मिली है, वह उसके पिता के वारिसों को मिलेगी यानी उसके सगे भाई-बहनों व अन्य को मिलेगी, जबकि जो संपत्ति उसे अपने पति या ससुर से मिली है, वह उसके पति के वारिसों यानी खुद के बच्चों व अन्य को मिलेगी.’

Share

About Dharm Path

Previous पेगासस: इज़रायल में पुलिस पर लगे अवैध जासूसी संबंधी आरोपों की जांच शुरू
Next असम: पूर्व छात्र नेता को पुलिस ने गोली मारी, परिजनों के ज़्यादती के आरोपों के बीच जांच के आदेश

Related Articles

अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य तात्कालिक संकट से उबारना, यह अधिकार नहीं: ग्वालियर हाईकोर्ट

October 3, 2025

मप्र:20 आईएएस अधिकारियों के तबादले

September 16, 2025

MP: बिजली कटौती के विरुद्ध किसानों ने खोला मोर्चा

September 14, 2025

Contact Us

Editor:
Anil kumar singh
Email: dharmpath.editor@gmail.com
Mobile: 07552481893
Address: 21, Laharpur, Bhopal, M.P.

Archives

RSS Feed News

  • दो साल की शादी, एक साल की बेटी और 10 से 15 बार मारपीट का आरोप; महिला ने कहा पति-ससुराल वालों ने दीवार से तीन बार सिर पटका, अस्पताल में इलाज जारी
  • चार साल से पत्नी और बेटे से अलग रहने का आरोप, युवक बोला पत्नी के परिचित ने दी जान से मारने की धमकी
  • अलवर में महिला ने लगाया मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप, छह महीने से परेशान करने का दावा

  • भारत
  • विश्व
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • विज्ञान
*

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493