(खुसुर-फुसुर)– मप्र जनसंपर्क विभाग ने सीमित बजट के होते हुए कुछ लेपटॉपदेने के कुछ क्रांतिकारी नियम भाजपा की घोषणा में बना दिए थे ,जिनमें स्वतन्त्र पत्रकारों को और वेब साईट के पत्रकारों को इससे दूर रखा गया था,विरोध भी हुआ और कई पत्रकारों ने इसे वापस भी किया लेकिन समय गुजरने के साथ ही बड़े-बड़े दिग्गज फिसलते नजर आ रहे हैं.
हुआ यह की भाजपा से जुड़े एक बड़े दिग्गज और बुजुर्ग पत्रकार सज्जन पहुँच गए जनसंपर्क कार्यालय और अपना लैपटॉप जो की लिखित नियमों में नहीं आता अनुमोदित करवा कर ही लौटे.अब जब यही करना था तो जबरन मुफ्त की बदनामी क्यों मोल ली ये खुसुर-फुसुर गलियारों में चल रही है,
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