किसान नेताओं की गिरफ्तारी के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने किया प्रदर्शन

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र के पांचवें दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही हंगामेदार रही। प्रदेश से किसान आंदोलन में जा रहे किसान नेताओं की गिरफ्तारी के मुद्दे पर सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने गांधी प्रतिमा के सामने बैठकर अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान विधायक महेश परमार, सुरेश राजे, अनुभा मुंजारे, सेना पटेल ने विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की।

कांग्रेस विधायक किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित अन्य मांगों का समर्थन करते हुए विधानसभा में गांधी प्रतिमा के सामने बैठ गए और प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आवाज को दबाने का काम कर रही है। अपनी मांग को लेकर दिल्ली जाने वाले किसानों को जबरन भोपाल और दूसरे शहरों में रोका जा रहा है। सरकार किसानों को प्रताड़ित कर रही है।

वहीं, पुष्पराजगढ़ से कांग्रेस विधायक फुंदेलाल मार्को ने स्कूल में किताबें न बांटे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किताबें कबाड़ में फेंकी जा रही हैं। पहली से पांचवीं तक की किताबें फेंकी गई हैं। वह यह आरोप एप्रन में लिखकर लाए थे, जिसे उन्होंने पहन रखा था। इस एप्रन पर उन्होंने किताबों को कबाड़ में बेचने और कचरे में फेंकने की तस्वीरें लगा रखी थी। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें एप्रन पहनकर विधानसभा में जाने से रोका। विधायक ने एप्रन निकालकर विधानसभा में प्रवेश किया। अन्य विधायक तख्तियां लेकर विधानसभा में जाने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने रोका। इसे लेकर तीखी झड़प भी देखने को मिली।

इसके बाद सदन में कांग्रेस विधायकों ने किसानों को आंदोलन में जाने से रोकने का मुद्दा उठाया। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सदन में किसानों के आंदोलन को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की 70 फीसदी अर्थव्यवस्था कृषि क्षेत्र पर आधारित है। किसान ही आर्थिक गतिविधि बनाते हैं। किसानों के जेब मे पैसा हो तो गांव के किराने की दुकान चलती है। एमएसपी सबसे बड़ी चीज है। हर किसान को गारंटी होनी चाहिए।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार युवा, महिला, किसानों के बारे में नहीं सोच रही है। इस वजह से कांग्रेस आंदोलन कर रही है। सरकार विषय से भटकना चाह रही है। सरकार जो पैसा खर्च कर रही है, विधायकों पर खर्च कर रही है, मुद्दों से भटकाना चाहती है। केंद्र सरकार कभी भी किसानों के पक्ष में नहीं रही। किसान शहीद हुए हैं। क्या देश के किसानों को संपन्न नहीं होना चाहिए? उन्होंने यह भी कहा कि लेखानुदान पर चर्चा होनी चाहिए। सारगर्भित चर्चा होनी चाहिए।

टोल रोड से अवैध वसूली का सवाल

वहीं, प्रश्नकाल के दौरान जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने टोल रोड पर अवैध वसूली पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि लागत से तीन से चार गुना टोल वसूल किया जा चुका है। उन्होंने पूछा कि सरकार जनता की है या ठेकेदार की? इस पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि टोल 15 साल के लिए होता है। इसकी पूरी रिपोर्ट बनती है। अलग अलग एमओयू होते हैं। इसमें सड़क का मेंटेनेस भी शामिल होता है। राशि पर लगने वाला ब्याज भी इसमें शामिल होता है।

मिनी स्मार्ट सिटी पर मांगे सुझाव

सीधी से भाजपा विधायक रीति पाठक ने मिनी स्मार्ट सिटी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सीधी जिले को स्मार्ट सिटी बनाने पर कितनी राशि खर्च हुई? उन्होंने स्मार्ट सिटी में विकास के लिए राशि बढ़ाने की मांग भी की। इस पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पाठक से ही सुझाव मांग लिया। उन्होंने कहा कि सीधी स्मार्ट सिटी में ओर क्या विकास होना चाहिए, इस पर सुझाव दें। विजयवर्गीय ने आश्वासन दिया कि सीधी के लिए जो भी राशि आवश्यक होगी, उसका अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा।

मध्य प्रदेश में सड़कों के गड्ढे भरने आएगा मोबाइल एप

कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी ने सड़क की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। इस पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सदन को बताया कि जल्द ही मोबाइल एप की मदद से गड्ढे भरे जाएंगे। आम लोग गड्ढों के फोटो मोबाइल से खींचकर एप में भेजेंगे। यह तस्वीर संबंधित जिले के अधिकारियों के पास पहुंच जाएगी। तय समय सीमा में इन सड़कों की मरम्मत करनी होगी। उनकी जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। मरम्मत के बाद अफसर को ही फोटो भी अपलोड करनी होगी कि काम पूरा हो गया है।

बीना के रिंगरोड, बालाघाट में पेयजल का मुद्दा उठा

बीना विधायक निर्मला सप्रे ने वहां बन रहे रिंगरोड का मुद्दा प्रश्नकाल में उठाया। इसके बाद बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने पूछा कि उनके क्षेत्र में जल आवर्धऩ योजना का काम अटका पड़ा है। 2018 में यह काम पूरा हो जाना था, लेकिन अब भी यह अधूरा है। जनता को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो काम अब तक हुआ है, उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं है। घटिया निर्माण कार्य हुए हैं।

पीएम आवास योजना के अपात्र हितग्राहियों का मुद्दा

भाजपा विधायक ललिता यादव ने छतरपुर नगर पालिका में अपात्र लोगों को पीएम आवास योजना का लाभ दिए जाने का मुद्दा उठाया। इस पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि 21 हितग्राही अपात्र पाए गए हैं। उनसे वसूली की कार्रवाई की गई है। ललिता यादव ने कहा कि 90 लोगों की जानकारी नहीं दी गई है। इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि जांच करने भोपाल से टीम भेजी जाएगी।इसी तरह विधायक रामसिया भारती ने दुरूस्त सड़कों को बार-बार बनाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बड़ा मलहरा में सड़कों की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। सड़क निर्माण की जांच होनी चाहिए। इस पर नगरीय प्रशासन मंत्री ने कहा कि अच्छी सड़कों को बार-बार बनवाया जा रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी।

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