मुंबई-सईदा फलक की पहचान केवल एक नेता के तौर पर नहीं है. वे एक पेशेवर वकील (Advocate) होने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर की कराटे चैंपियन भी हैं. ‘फलक द फाइटर’ के नाम से मशहूर सईदा ने खेल की दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है. वे तेलंगाना की पहली महिला एथलीट हैं जिन्होंने वर्ल्ड कराटे चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया था. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सईदा ने अब तक 20 से अधिक नेशनल और 22 इंटरनेशनल गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं. कॉमनवेल्थ कराटे चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी सईदा रिंग में जितनी आक्रामक थीं, उतनी ही मुखर वे अब राजनीति के मैदान में नजर आ रही हैं. खेल के दौरान मिली अनुशासन और लड़ने की क्षमता ही उनकी राजनीतिक ताकत बनी है.
सईदा फलक ने साल 2020 में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का दामन थामा था. पार्टी में शामिल होने के बाद वे बहुत जल्द ओवैसी के बाद सबसे प्रभावशाली वक्ता के रूप में उभरीं. उनके भाषणों में संवैधानिक मूल्यों, अल्पसंख्यक अधिकारों और खासकर महिलाओं की आज़ादी की गूंज सुनाई देती है, जिससे वे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो गईं.
सईदा फलक की पहचान केवल एक नेता के तौर पर नहीं है. वे एक पेशेवर वकील (Advocate) होने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर की कराटे चैंपियन भी हैं. ‘फलक द फाइटर’ के नाम से मशहूर सईदा ने खेल की दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है. वे तेलंगाना की पहली महिला एथलीट हैं जिन्होंने वर्ल्ड कराटे चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया था. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सईदा ने अब तक 20 से अधिक नेशनल और 22 इंटरनेशनल गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं. कॉमनवेल्थ कराटे चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी सईदा रिंग में जितनी आक्रामक थीं, उतनी ही मुखर वे अब राजनीति के मैदान में नजर आ रही हैं. खेल के दौरान मिली अनुशासन और लड़ने की क्षमता ही उनकी राजनीतिक ताकत बनी है.
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