नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। सरकार ने सोमवार को कहा कि नई गणना पद्धति के मुताबिक 2014-15 में देश की आर्थिक विकास दर 7.4 फीसदी रह सकती है।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने 2014-15 के लिए आय के अग्रिम अनुमान में कहा, “स्थिर (2011-12) मूल्य पर वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2014-15 में 106.57 लाख करोड़ रहने का अनुमान है, जबकि 30 जनवरी, 2015 को जारी 2013-14 के लिए जीडीपी का प्रथम संशोधित अनुमान 99.21 लाख करोड़ रुपये था।”
अग्रिम अनुमान में कहा गया है, “2014-15 में जीडीपी विकास दर 7.4 फीसदी रहने का अनुमान है, जो 2013-14 में 6.9 फीसदी थी।”
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत आने वाले सीएसओ ने आधार वर्ष को 2004-05 से बदलकर 2011-12 कर दिया है।
नई प्रणाली में सीएसओ जीडीपी का मूल्यांकन बाजार मूल्य पर करेगी, न कि फैक्टर मूल्य पर।
सीएसओ ने 2014-15 की प्रथम छमाही की विकास दर को भी संशोधित कर 7.4 फीसदी कर दिया, जो पुरानी गणना प्रणाली के मुताबिक 5.5 फीसदी थी।
सीएसओ के मुताबिक अक्टूबर-दिसंबर तिमाही की विकास दर 7.5 फीसदी रही।
दूसरी तिमाही के लिए विकास दर अनुमान को संशोधित कर 8.2 फीसदी कर दिया गया है, जबकि प्रथम तिमाही के लिए इसे 6.5 फीसदी रखा है।
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