दिल्ली – एसआईआर का पहला चरण पूरा होने के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में करीब 47 लाख नाम नहीं हैं. हालांकि लोग 30 सितंबर तक क्लेम और ऑब्जेक्शन फाइल कर सकते हैं. वेरिफिकेशन होने के बाद उनका नाम फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया जाएगा. एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि चुनाव आयोग के डेटा से पता चलता है, 30 जून को एसआईआर की प्रक्रिया से पहले ही, जनवरी 2025 और जून 2026 के बीच लगभग 11 लाख नाम हटा दिए गए थे.हटाए गए 11 लाख नामों में से लगभग 3 लाख नाम मई 2026-जून 2026 के बीच प्री-SIR मैपिंग फ़ेज़ के दौरान हटाए गए थे.
SIR के लिए आंशिक रूप से भरे हुए फॉर्म कभी जेनरेट नहीं हुए. ये लोग न ही वे कभी अपने बूथ-लेवल अधिकारियों (BLO) तक पहुंचे, और उन्हें खुद को रजिस्टर करने का मौका कभी नहीं मिला. ऐसे कई लोग हैं जिनके परिवार में सभी को SIR फ़ॉर्म मिला, सिवाय उनके. जबकि उन्होंने 2020 के विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों में वोट दिया था.
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