एसआरसीसी में ‘दिमागी नक्सल’ कथन दोहराने पर विपक्ष ने पीएम मोदी को घेरा

नई दिल्ली-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (5 सितंबर) को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह में बोलते हुए कहा कि उनके स्वतंत्रता दिवस के भाषण में दी गई ‘दिमागी नक्सल’ की ‘होम्योपैथिक गोली’ के बाद ‘दिमागी नक्सल एक-एक करके बाहर आने लगे हैं.’

कार्यक्रम में मोदी ने कहा, ‘जैसे ही मैंने ‘दिमागी नक्सल’ की होम्योपैथिक गोली दी, सारे ‘दिमागी नक्सल’ एक-एक करके बाहर आने लगे. और अब जनता भी उन लोगों के असली रंग देख रही है, जो इस बीमारी को बढ़ावा दे रहे हैं.’

कांग्रेस के छात्र मामलों के प्रभारी कन्हैया कुमार ने कहा कि छात्रों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री उनके और देश की शिक्षा व्यवस्था के बारे में बात करेंगे. इसके बजाय उन्होंने इस मंच का इस्तेमाल अपने राजनीतिक अभियान के लिए किया.

डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, मोदी के 2013 में एसआरसीसी में दिए भाषण का जिक्र करते हुए- जिसमें मोदी ने कहा था कि वह आधे भरे पानी के गिलास को पूरा भरा हुआ देखते हैं, आधा पानी से और आधा हवा से – कुमार ने कहा कि अब उन्हें समझ आया कि वह दूसरा आधा हिस्सा हवा नहीं बल्कि पीआर (जनसंपर्क) था.

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने जवाबदेही से बचने के लिए राजनीतिक लेबल का इस्तेमाल किया.

प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी पर विभिन्न राजनीतिक हलकों से तीखी प्रतिक्रिया आई. विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने इस अवसर का इस्तेमाल भी अपने राजनीतिक प्रचार के लिए किया.

About Dharm Path


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493