नई दिल्ली, 15 फरवरी (आईएएनएस)। इस महीने के आखिर में पेश होने वाले आम बजट को ध्यान में रखते हुए भारतीय उद्योग परिसंघ ने रविवार को मांग की कि निवेश ट्रस्टों के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए कराधान प्रणाली में स्थायित्व और निश्चितता बढ़ाने पर ध्यान दिया जाए।
परिसंघ ने यहां जारी एक बयान में कहा, “नई सरकार के पहले पूर्ण बजट में अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड (एआईएफ), सेक्यूरिटाइजेशन ट्रस्ट्स और एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (एआरसी) ट्रस्ट के प्रभावी संचालन के लिए कराधान नियमों के सुधार पर ध्यान दिया जाना चाहिए।”
बयान में कहा गया है, “ऐसे निवेश कोष के कराधान की मौजूदा व्यवस्था विसंगतियों से भरी हुई है, परिणामस्वरूप अनिश्चितताओं का जोखिम रहता है और कई तरह के कर लगाए जाते हैं।”
परिसंघ ने कहा, “ऐसे ट्रस्ट अर्थव्यवस्था को दीर्घकालीन कोष मुहैया कराने का लक्ष्य प्रभावी तरीके से हासिल करें, इसके लिए जरूरी है कि उन्हें अनुकूल कर व्यवस्था दी जाए।”
बयान के मुताबिक, एआईएफ सामूहिक निवेश कोष होता है और सभी आकार की कंपनियों को पूंजी उपलब्ध कराता है। ऐसी अधिकांश कंपनियां शेयर बाजारों में सूचीबद्ध नहीं हैं, वहीं एआरसी वित्तीय संस्थानों और बैंकों के संचालन के लिए वित्त उपलब्ध कराते हैं।
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