अंकारा, 22 फरवरी (आईएएनएस)। तुर्की के सैकड़ों सैनिकों ने सीरिया में घुसकर ऐतिहासिक उस्मान राजवंश (उस्मान के दादा सुलेमान शाह की कब्र) के मकबरे की रक्षा कर रहे सैनिकों को वहां से खदेड़ दिया और उसे अपने कब्जे में ले लिया। बीबीसी की रविवार को जारी रपट से यह जानकारी मिली है।
मकबरा तुर्की की सीमा के पास सीरियाई शहर अलेप्पो में स्थित है। तुर्की इस मकबरे को अपना हिस्सा मानता है। तुर्की के 38 सैनिक इसकी रखवाली में तैनात रहे हैं।
तुर्की के प्रधानमंत्री अहमत दावुतोग्लू ने कहा कि सुलेमान शाह की कब्र के अवशेषों को सीरिया में अन्यत्र ले जाया जाएगा।
दावुतोग्लू ने कहा कि सैनिकों ने मकबरे के परिसर को ध्वस्त कर दिया, ताकि इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी इस परिसर का दुरुपयोग न कर सकें।
उन्होंने कहा, “हमने तुर्की के सशस्त्र बलों से अपने आध्यात्मिक मूल्यों की और हमारे सैनिकों की रक्षा करने का निर्देश दिया था।”
अभियान शनिवार रात शुरू किया गया था और रविवार सुबह समाप्त हुआ।
दावुतोग्लू ने कहा कि अवशेषों को फिलहाल तुर्की लाया गया है, लेकिन जल्द ही सीरिया में तुर्की की सीमा के पास किसी अन्य जगह पर मकबरा बनाया जाएगा। यह मकबरा तुर्की की सेना के अधीन रहेगा।
मकबरे पर तुर्की का झंडा पहले से ही फहरा रहा था। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस अभियान में आईएस के साथ कोई झड़प नहीं हुई, लेकिन दुर्घटना में एक सैनिक की मौत हो गई।
सुलेमान शाह, तुर्क साम्राज्य (1299-1922) के संस्थापक उस्मान प्रथम के दादा थे। मकबरे का निर्माण 13वीं सदी के अंत में हुआ था। 1921 में जब सीरिया फ्रांस के अधीन था, तुर्की और फ्रांस में एक समझौता हुआ था, जिसमें मकबरे को तुर्की की भूमि बताया गया था।
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