नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-दिसम्बर के दौरान औद्योगिक विकास दर 2.1 फीसदी (अनंतिम) आंकी गई है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में नए सिरे से निवेश आकर्षित करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। इसके लिए जहां एक ओर नीतिगत संशोधन किए गए हैं, वहीं प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।
राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में सीतारमण ने कहा, “औद्योगिक क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। औद्योगिक लाइसेंस हेतु रक्षा से जुड़ी वस्तुओं के लिए वार्षिक क्षमता का विनियमन कर दिया गया है।”
उन्होंने कहा, “जहां तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति में हाल ही में हुए संशोधनों का सवाल है, इनके तहत रक्षा क्षेत्र में 49 फीसदी तक एफडीआई की इजाजत दी गई है। इसी तरह, रेलवे के बुनियादी ढांचागत क्षेत्र में 100 फीसदी तक एफडीआई की अनुमति दे दी गई है।”
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के लिहाज से मापे जाने वाले औद्योगिक प्रदर्शन से विनिर्माण, खनन एवं बिजली क्षेत्रों के उत्पादन में होने वाले मासिक बदलाव की जानकारी मिलती है। इसके लिए आधार वर्ष 2004-05 है, जिसे हर महीने केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी किया जाता है।
आईआईपी के मुताबिक, देश में औद्योगिक विकास दर 2009-10 में 5.3 फीसदी, 2010-11 में 8.2 फीसदी, 2011-12 में 2.9 फीसदी, 2012-13 में 1.1 फीसदी और 2013-14 में नकारात्मक 0.1 फीसदी थी।
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