वाशिंगटन, 13 मार्च (आईएएनएस)। पिछले साल अगस्त में एक अश्वेत किशोर को गोली मारने के कारण नस्लीय सोच को लेकर चर्चा में आई फग्र्युसन पुलिस के दो श्वेत अधिकारियों पर अब हमला किया गया है, जिससे यहां एक बार फिर तनाव व्याप्त हो गया है।
वाशिंगटन, 13 मार्च (आईएएनएस)। पिछले साल अगस्त में एक अश्वेत किशोर को गोली मारने के कारण नस्लीय सोच को लेकर चर्चा में आई फग्र्युसन पुलिस के दो श्वेत अधिकारियों पर अब हमला किया गया है, जिससे यहां एक बार फिर तनाव व्याप्त हो गया है।
अमेरिकी राज्य मिसौरी के फग्र्युसन में बुधवार को एक प्रदर्शन के दौरान दो श्वेत पुलिकर्मियों को गोली मारी गई। यह प्रदर्शन फग्र्युसन पुलिस के नस्लीय भेदभाव से ग्रस्त होने से संबंधित अमेरिकी न्याय मंत्रालय की रपट सामने आने के बाद हो रहा था। इस रपट के सामने आने के बाद फग्र्युसन के पुलिस प्रमुख थॉमस जैकसन सहित अन्य अधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में एक श्वेत पुलिसकर्मी ने एक अश्वेत किशोर माइकल ब्राउन को गोली मार दी थी।
शहर में बुधवार को स्थानीय समयानुसार आधी रात को की गई गोलीबारी में एक अधिकारी को कंधे पर और एक को चेहरे में गोली लगी थी। दोनों अधिकारी घायल हो गए। हालांकि उन्हें गुरुवार शाम अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। गोली चलाने वाले शख्स की तलाश की जा रही है। उसकी सूचना देने वाले को 10,000 डॉलर का इनाम देना की भी घोषित की गई है।
‘एनबीसी’ न्यूज की रपट के मुताबिक, गुरुवार शाम प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने के नजदीक कैंडल मार्च किया और प्रार्थना सभा की।
इस गोलीबारी पर माइकल के मातापिता ने भी विरोध जताया है। उन्होंने इसे बुद्धिहीन घटना करार देते हुए कहा कि कुछ लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को असफल करने की कोशिश की है।
इधर, अमेरिका के अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर ने घटना को मूर्ख व्यक्ति द्वारा किया गया ‘घृणास्पद और कायरतापूर्ण’ हमला करार दिया।
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