आकाशगंगा अनुमान से कहीं ज्यादा बड़ी

वाशिंगटन, 15 मार्च (आईएएनएस)। आकाशगंगा का आकार अनुमानित आंकड़ों से 50 फीसदी ज्यादा बड़ा है। नए शोध के नतीजों के मुताबिक इसकी वक्र भुजाएं कई लहरदार तरंगों में बंटी होती हैं।

न्यूयॉर्क के रेनसेलर पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट में भौतिकी विज्ञान के प्रोफेसर हेदी जो न्यूबर्ग की अध्यक्षता में एक अंतर्राष्ट्रीय दल ने इस शोध को अंजाम दिया। इस दौरान स्लोअन डिजिटल स्काई सर्वे के खगोलीय आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।

न्यूबर्ग ने कहा, “संक्षेप में कहें, तो हमने पाया है कि आकाशगंगा की वक्र भुजाएं एक चपटे समतल में तारों की तश्तरी नहीं, बल्कि लहरदार होती हैं।”

ऑस्ट्रोफिजिकल जर्नल से उन्होंने कहा, “इन आंकड़ों से हम आकाशगंगा के कुछ हिस्सों को देख सकते हैं, हमने इसे पूरे वक्र भुजाओं का स्वरूप मान लिया है।”

चीन के नेशनल ऑस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी के वैज्ञानिक यान सू ने कहा, “महत्वपूर्ण बात तो यह है कि निष्कर्ष के मुताबिक, वक्र भुजाओं का व्यास पहले एक लाख प्रकाश वर्ष माना जा रहा था, लेकिन यह 1.5 लाख प्रकाश वर्ष है।”

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