वाशिंगटन, 20 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि ईरानी नेताओं को यथोचित परमाणु समझौते का ऐतिहासिक अवसर नहीं खोना चाहिए। उन्होंने कहा कि संभवत: ऐसा पल जल्द नहीं आएगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, स्विट्जरलैंड में जारी मौजूदा वार्ता का उल्लेख करते हुए ओबामा ने नवरोज पर अपने वीडियो संदेश में गुरुवार को कहा, “यह कई दशकों में हमारे देशों के बीच अलग भविष्य का निर्माण करने का सबसे बेहतर अवसर है।”
ओबामा ने कहा कि मतभेद मौजूद रहने के बावजूद ईरान और छह बड़े देशों या पी+1 के बीच वार्ता में प्रगति देखी गई है।
उन्होंने कहा, “आने वाला दिन और सप्ताह महत्वपूर्ण रहेगा। हमारी वार्त में प्रगति हुई है, लेकिन मतभेद बरकरार हैं और हमारे देशों और अन्य जगहों में ऐसे लोग हैं, जो कूटनीतिक समाधान का विरोध कर रहे हैं।”
ओबामा ने कहा कि ईरान और अमेरिका एक साल पहले हुए अंतरिम समझौते को लेकर अपनी प्रतिबद्धता पर बने हुए हैं, जिसके अंतर्गत ईरान ने आर्थिक प्रतिबंधों से राहत पाने के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम को स्थगित किया है।
अमेरिका को संदेह है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का लक्ष्य परमाणु बम बनाना है, जो कि इजरायल के अस्तित्व के लिए संकट हो सकता है। यह मध्यपूर्व में अमेरिका का एकमात्र सहयोगी है, लेकिन तेहरान यह दावा करता रहा है कि इसके परमाणु कार्यक्रम का लक्ष्य शांतिपूर्ण तरीके से परमाणु ऊर्जा तैयार करना है।
ओबामा ने कहा कि अगर ईरान यथोचित समझौते के लिए अर्थपूर्ण, प्रमाणित कदम उठाने को तैयार है, तो यह शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को सुनिश्चित करेगा, जो यह ईरानी जनता के सुनहरे भविष्य के द्वार खोलेगा। वरना, ईरान को उसी तरह अलगाव और कठिनाई का सामना पड़ेगा, जैसा कि उसे आज झेलना पड़ रहा है।
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