जेनेवा, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। यमन में शिया हौती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाली सरकार समर्थक सेना के बीच हुए संघर्ष में 62 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 अन्य घायल हुए हैं। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) ने दी है।
यूनीसेफ ने मंगलवार को एक बयान में कहा, “इस लड़ाई में गंभीर रूप से स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था को नुकसान हुआ है। जबकि हिंसा और विस्थापन से बच्चे भयभीत हो गए हैं।”
जॉर्डन की राजधानी अम्मान में यूनीसेफ के यमन में प्रतिनिधि जूलियन हार्नेस ने कहा, “बच्चों को संरक्षण की दरकार है, और सभी पार्टियों को बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव प्रयास करने चाहिए।”
यूनीसेफ ने कहा कि हिंसा और तेजी से बिगड़ती मानवीय स्थिति के कारण बड़े पैमाने पर खाद्य असुरक्षा, कुपोषण, बच्चों की भर्ती जैसी समस्याएं आ रही हैं।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त जायद राद अल-हुसैन ने मंगलवार को चेताया कि यमन ढहने के कगार पर है।
उन्होंने अल-मजरक शिविर पर सऊदी अरब के नेतृत्व वाली सेना द्वारा सोमवार को हुए हमले की निंदा की। उत्तरी यमन में लोगों को तितर-बितर करने के लिए किए गए इस हमले में 19 लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने विद्रोहियों और संयुक्त सेना की टुकड़ियों द्वारा तीन अस्पतालों पर किए गए हमले की भी निंदा की।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि पांच दिनों से जारी इस लड़ाई में 93 नागरिक मारे गए हैं।
उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब के नेतृत्व में पिछले हफ्ते से 10 देशों की सेनाओं ने यमन में विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
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