वाशिंगटन, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। वैज्ञानिकों ने कैंसर रोगियों के लिए एक नया टीका विकसित किया है जो रोगी के शरीर में प्रोटीन के रूप बदल देता है, और इससे कैंसर के खिलाफ प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ सकती है।
समाचार एजेंसी ईएफई के अनुसार, अध्यन की मुख्य लेखिका बीट्रिज कारेनो ने कहा, “कैंसर के टीके सामान्य रूप से इस्तेमाल किए जा सकते हैं।”
उन्होंने बताया, “यह एक पहला व्यक्तिगत टीका है। सामान्य टीके सामान्य और गैर रूपांतरित प्रोटीन पर प्रतिक्रिया करते हैं और इसलिए प्रतिरक्षा शक्ति बहुत मजबूत नहीं होती।”
कारेनो ने बताया, “हमने अपने टीके में रोगी में रूपांतरित प्रोटीन का प्रयोग एक ट्यूमर के साथ किया और साबित किया कि ट्यूमर के पृथक पदार्थो को पहचान करने की तीव्रता और संख्या बढ़ाकर इन प्रोटीनों ने टी कोशिकाओं में जोरदार प्रतिक्रिया की।”
टी-कोशिकाएं अन्य कोशिकाओं की सतह के असामान्य पदार्थो को खोजती हैं और समाधान करने योग्य पदार्थों का उत्पादन करके उन्हें खत्म करती हैं।
कारेनो ने कहा, “परिवर्तित प्रोटीनों ने यह साबित किया है कि उनमें प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करने की ज्यादा क्षमता है।”
शोधकर्ताओं ने बताया है कि इस प्रकार के टीके मेलेनोमा, फेफड़ों का कैंसर, मूत्राशय और मलाशय कैंसर से पीड़ित रोगियों के लिए ज्यादा प्रभावी हैं।
सेंट लुईस स्थित वाशिंगटन युनिवर्सिटी स्कूल के मेडिसिन विभाग में शोधकर्ता कारेनो ने बताया, “हमने भारी संख्या में जो उत्परिवर्तन और रूपांतरित प्रोटीन पाए, उनका प्रयोग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती प्रदान करने में किया जा सकता है।”
dharmpath.com dharmpath