मुंबई, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा वित्तीय कंपनियों को ब्याज दर में कटौती का लाभ आम ग्राहकों तक पहुंचाने का निर्देश दिए जाने के कुछ दिनों बाद कई कर्जदाता कंपनियों ने मंगलवार को अपनी ब्याज दरें घटा दी।
वाणिज्यिक बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने सभी पुराने और नए ग्राहकों के लिए अपनी दर 25 आधार अंक घटा दी।
बैंक की नई दर 9.90 फीसदी रहेगी और 14 अप्रैल से प्रभावी होगी। बैंक ने कहा कि महिला ग्राहकों और कमजोर तबके के ग्राहकों के लिए यह दर 9.85 फीसदी रहेगी।
देश की दूसरी सबसे बड़ी आवास ऋण कंपनी ‘हाउसिंग फायनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (डीएचएफएल) ने भी अपनी दरें संशोधित कर 9.90 फीसदी कर दी, जो 15 अप्रैल से प्रभावी होगी।
डीएचएफएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कपिल वाधवान ने कहा, “ब्याज दर घटाने से दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों के निम्न-मध्य और मध्य आय वाले ग्राहकों को मकान खरीदने में सक्षम बनाने के लिए हमारी प्रतिबद्धता का पता चलता है।”
12 अप्रैल को भारतीय स्टेट बैंक ने भी अपनी ब्याज दर 25 आधार अंक घटा दी थी।
उससे भी पहले देश की सबसे बड़ी मोर्टगेज कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड ने आवास पर लगने वाली ब्याज दर 0.2 फीसदी घटाकर 9.90 फीसदी कर दी थी।
रिजर्व बैंक को यह अखर रहा था कि जनवरी और मार्च में उसके द्वारा की गई दर कटौती का लाभ आम ग्राहकों तक नहीं पहुंचाया गया है।
रिजर्व बैंक ने 15 जनवरी और चार मार्च को रेपो दर में 25-25 आधार अंकों की कटौती की थी।
रेपो दर वह दर है, जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को छोटी अवधि के लिए कर्ज देता है।
रेपो दर अभी 7.5 फीसदी है और रिवर्स रेपो दर 6.5 फीसदी है। यह वह दर है, जो वाणिज्यिक बैंकों को अतिरिक्त राशि रिजर्व बैंक में रखने पर मिलती है।
उद्योग जगत भी बैंकों से दर घटाने की मांग कर रहा था।
मौजूदा कारोबारी साल के लिए सात अप्रैल को हुई प्रथम मौद्रिक नीति समीक्षा घोषणा पर अपनी प्रतिक्रिया में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष ज्योत्सना सूरी ने कहा था, “बड़ी चिंता यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पहले की गई कटौतियों को बैंक के स्तर पर उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचाया गया है।”
सात अप्रैल की समीक्षा में रिजर्व बैंक ने मुख्य नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया।
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