न्यूयार्क, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सिखों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले एक संगठन की ओर से दायर उस याचिका को खारिज करने की मांग की है, जिसमें भारत के राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की गई है। मंत्रालय की दलील है कि यह याचिका निराधार है।
वकील प्रीत भरारा ने न्यूयार्क के दक्षिणी जिला न्यायाधीश लौरा टेलर स्वेन के समक्ष दायर 18 पृष्ठों के प्रतिवेदन में कहा है कि सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) के दावे का कोई आधार नहीं है।
भरारा ने अपने प्रतिवेदन में कहा, “न तो एसएफजे के पास यह अधिकार है कि वह विदेश मंत्री पर किसी विदेशी संस्था को आतंकवादी संगठन घोषित करने का दबाव डाले और न न्यायालय के पास ही ऐसा करने का अधिकार है।”
एसएफजे ने अमेरिकी अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें आरएसएस को विदेश आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की गई थी।
एसएफजे ने आरएसएस पर फासीवादी विचारधार में विश्वास रखने, इसका पालन करने तथा भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए हिंसक और जुनूनी अभियान चलाने का आरोप लगाया है।
एसएफजे के वकील गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कहा, “अमेरिकी संविधान के तहत जीवन की सुरक्षा और आजादी के जो मौलिक मानवाधिकार दिए गए हैं, उसे राजनीतिक मामले प्रभावित नहीं कर सकते।”
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