इस्लामाबाद, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को तहरीक-ए-तालिबन पाकिस्तान (टीटीपी) के छह आतंकवादियों की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। सैन्य अदालतों ने इन आतंकवादियों को सजा-ए-मौत सुनाई थी।
वेबसाइट ‘डॉन ऑनलाइन’ के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने बुधवार को सैन्य अदालतों के मृत्युदंड के फैसले पर रोक लगाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी।
एससीबीए की ओर से मानवाधिकार कार्यकर्ता आसमां जहांगीर ने याचिका दायर कर सर्वोच्च न्यायालय से 17 सदस्यीय पीठ द्वारा सैन्य अदालों की स्थापना को वैधानिक चुनौैती दिए जाने तक सैन्य अदालतों द्वारा दिए गए मृत्युदंड पर रोक लगाने का अनुरोध किया था।
इस फैसले पर सुनवाई 22 अप्रैल तक स्थगित कर दी गई है। याचिका में कहा गया है कि यदि सैन्य अदालतों को चुनौती देने से पहले दोषी आतंकवादियों को मृत्युदंड दिया गया तो यह न्याय के साथ समझौता माना जाएगा।
दो अप्रैल को सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने सैन्य अदालतों द्वारा छह आतंकवादियों को मृत्युदंड और एक को आजीवन कारावास देने की सजा को मंजूरी दी थी।
इस फैसले के विरोध में कानूनी विशेषज्ञों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने कड़ी प्रतिक्रियाएं दी थीं।
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