नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। कोयला मंत्रालय ने पानीपत ताप बिजली संयंत्र के कोल लिंकेज को नए सुपर क्रिटिकल संयंत्र में अंतरित किए जाने की अनुमति दे दी है। यह जानकारी शुक्रवार को दी गई। सुपर क्रिटिकल संयंत्र उसी परिसर में स्थापित होगा।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “फैसला हरियाणा सरकार के अनुरोध पर विचार करने वाली स्थायी लिंकेज समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।”
सरकार ने गत वर्ष यह नीति बनाई थी कि यदि पुराने ताप संयंत्र को हटाकर वहां अधिक ऊर्जा सक्षम सुपर क्रिटिकल संयंत्र स्थापित हो तो कोल लिंकेज खुद-ब-खुद नए सुपर क्रिटिकल संयंत्र को अंतरित हो जाएगा।
इस नीति के तहत पुराने संयंत्र का कोल लिंकेज खुद-ब-खुद सबसे निकटस्थ नए सुपर क्रिटिकल संयंत्र को अंतरित हो जाएगा।
यदि नए संयंत्र की क्षमता पुराने संयंत्र से अधिक होगी, तो सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड के पास कोयले की उपलब्धता को देखते हुए प्राथमिकता आधार पर अतिरिक्त कोयले की व्यवस्था की जा सकती है।
पानीपत बिजली संयंत्र में आर्थिक रूप से अक्षम 110 मेगावाट की 1-4 इकाइयों को हटाकर उन्हीं की जगह 660-800 मेगावाट की अधिक सक्षम सुपर क्रिटिकल इकाइयां स्थापित की जाएंगी। यह काम अगले चार-पांच सालों में पूरा होगा।
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