चेन्नई, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक ने किन्नरों को बैंकिंग सेवा उपलब्ध कराने के लिए गुरुवार को बैंकों को अपने सभी प्रपत्रों और आवेदन पत्रों में ‘तीसरा लिंग’ शामिल करने का निर्देश दिया।
राष्ट्रीय वैधानिक सेवा प्राधिकरण बनाम भारतीय संघ मामले में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए रिजर्व बैंक ने कहा कि सभी किन्नरों की पहचान तीसरे लिंग के रूप में की जाएगी।
रिजर्व बैंक ने कहा, “इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने किन्नरों के अपना लिंग तय करने के अधिकार का मान्यता दिया और केंद्र तथा राज्य सरकारों को उनकी लैंगिक पहचान को पुरुष, महिला या तीसरा लिंग के रूप में वैधानिक मान्यता देने का निर्देश दिया है।”
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