टोक्यो, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। जापान सरकार, चीन के नेतृत्व वाले एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) में उसके वास्तविक संचालन को देखने के बाद जुड़ने के बारे में फैसला कर सकती है।
एनएचके वर्ल्ड के मुताबिक, जापान के वित्त मंत्री तारो असो का कथित तौर पर मानना है कि एआईआईबी के वास्तविक संचालन के तौर-तरीकों को देख लेने के बाद ही जापान सरकार को उसमें जुड़ने पर विचार करना चाहिए।
रपट के मुताबिक, असो ने गत सप्ताह वाशिंगटन में जी-20 मंत्रीस्तरीय सम्मेलन से अलग जर्मनी के वित्त मंत्री वोल्फगैंग स्कॉबल के साथ एआईआईबी पर चर्चा की थी।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, स्कॉबल ने असो से कहा था कि जापान सहित जी-7 देशों को एआईआईबी के मामले में एक मत होकर काम करना चाहिए। अधिकारियों के मुताबिक असो ने कहा कि एआईआईबी का प्रबंधन देख लेने के बाद ही जापान उससे जुड़ने के बारे में विचार करना चाहता है।
चीन जून के आखिर तक बैंक से संबंधित समझौता पूरा कर लेना चाहता है।
कथित तौर पर असो ने कहा कि जून की समय सीमा की उन्हें परवाह नहीं है।
इस महीने के प्रारंभ में जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से एआईआईबी से जुड़ने का आग्रह किया था।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी बुधवार को जकार्ता में एक सम्मेलन के दौरान आबे के साथ हुई एक मुलाकात में जापान से बैंक से जुड़ने का आग्रह किया था। उस समय आबे ने बैंक के प्रबंधन पर संदेह जताया था और इस मुद्दे पर चीन से बात-चीत आगे बढ़ाने का आग्रह किया था।
dharmpath.com dharmpath