काठमांडू, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में 25 अप्रैल को आए विनाशकारी भूकंप में चारों ओर तबाही का मंजर है। बुधवार तक इस त्रासदी में 5,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार ने बताया कि इस जलजले में सिधुपालचौक सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहां पर अब तक 1400 लोगों की मौत हो चुकी है।
काठमांडू, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में 25 अप्रैल को आए विनाशकारी भूकंप में चारों ओर तबाही का मंजर है। बुधवार तक इस त्रासदी में 5,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार ने बताया कि इस जलजले में सिधुपालचौक सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहां पर अब तक 1400 लोगों की मौत हो चुकी है।
गृह मंत्रालय ने कहा कि उसे अभी तक इस आपदा में 5,006 लोगों के मारे जाने की जानकारी प्राप्त हुई है।
गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ने कहा कि 7.9 तीव्रता वाले भूकंप और उसके बाद आए झटकों में 10,224 लोग घायल हुए हैं।
काठमांडू में भूकंप के कारण 1,039 लोगों की मौत हुई है, वहीं भक्तपुर में 250 और ललितपुर में 159 लोग इस आपदा के शिकार हुए हैं।
इस बीच नेपाल की सेना के बचाव दल और सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस ने मनांग और मुस्तांग से 1,600 पर्यटकों को बचाया और उन्हें पोखरा पहुंचाया गया।
इस भूकंप में विभिन्न देशों के 10 पर्यटकों की मौत हुई है। चार की मौत काठमांडू में हुई है, जबकि सोलुखुंबू में पांच सैलानियों और मकवानपुर जिले में एक सैलानी की मौत हुई है।
सरकार ने बताया कि सिंधुपालचौक, काठमांडू, नुवाकोट, धाडिंग, भक्तपुर, ललितपुर, कावरपालनचौक, गोरखा और रासुवा में बचाव कार्य जोर शोर से जारी है।
काठमांडू घाटी में विभिन्न स्थानों पर भारत, श्रीलंका, चीन, तुर्की, नीदरलैंड, पोलैंड, जर्मनी, फ्रांस, इजरायल, मलेशिया और जापान के राहत दलों को तैनात किया गया है।
सिंधुपालचौक में ब्रिटेन के राहत दल को तैनात किया गया है। वहीं नौ विदेशी चिकित्सा दल विभिन्न प्रभावित इलाकों में काम कर रहे हैं।
गृहमंत्रालय के अनुसार श्रीलंका के दल ने एक नौजवान को बालाजू इलाके से जीवित निकाला है।
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