काठमांडू, 8 मई (आईएएनएस)। विनाशकारी भूकंप की मार झेल रहे नेपाल वासियों को अब जल्द आने वाले मानसून की चिंता सताने लगी है। पीड़ितों ने डर से खुद ही अपने क्षतिग्रस्त आशियानों की मरम्मत शुरू कर दी है। यह जानकारी शुक्रवार को मीडिया रपटों से मिली।
‘कांतिपुर न्यूज’ की रपट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि पीड़ित अब सरकारी मदद और मुआवजे की राह तकने की बजाय खुद ही शामियाने बनाने और अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था करने में जुट गए हैं।
मकवनपुर जिले के गोगेन गांव निवासाी उत्तर बहादुर गुरुं ग ने सोमवार से अपने ध्वस्त घर का पुनर्निर्माण शुरू कर दिया। उन्हें सरकार से एक भी शामियाना नहीं मिला है। वह अपने 14 सदस्यों वाले परिवार के साथ एक अस्थायी टैंट में रहे रहे हैं।
गुरुं ग ने बातया कि हमने अपने घरों का पुनर्निर्माण शुरू कर दिया है क्योंकि जल्द आने वाले मानसून में हम इन्हें नहीं बना पाएंगे।
गोगेन की ग्राम विकास समिति (वीडीसी)के सचिव राजेंद्र श्रेष्ठ ने बताया कि स्थानीय लोग आश्वस्त नहीं हैं कि सरकार की ओर से अभी भी उन्हें टैंट और अन्य सहायता सामग्री मिलेगी। हलांकि गांव के कुछ परिवारों को शामियाने उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन वे बारिश के मौसम के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
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