टोरंटो, 8 मई (आईएएनएस)। अफगानिस्तान में 15 साल की उम्र में गिरफ्तार हुए ‘बाल सैनिक’ उमर खद्र 13 साल की जेल की सजा के बाद पहली बार दुनिया के सामने आए हैं। उन्होंने कनाडा के लोगों का उनकी समझ के लिए धन्यवाद दिया और कहा, “मुझे एक मौका दो और आप सभी आश्चर्यचकित रह जाएंगे।”
खद्र अब 28 वर्ष के हो चुके हैं। वह अपने वकील डेनिस एडने के घर के बाहर खुश और आराम की मुद्रा में मीडिया के सामने आए। वह जमानत पर रिहा किए जाने के बाद पश्चिमी कनाडा के एडमान्टन में रहेंगे।
खद्र कुछ बोलते इससे पहले उनके वकील ने मीडिया को बताया कि 15 साल की उम्र के बाद यह पहला मौका है जब खद्र पहली बार सार्वजनिक रूप से बाहर आए हैं।
खद्र ने उन्हें रिहा करने के लिए अदालत और अपने वकील का शुक्रिया अदा किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने परिवार का भी धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, “मेरे ऊपर भरोसा करने और मुझे एक मौका देने के लिए मैं कनाडा के लोगों का धन्यवाद अदा करता हूं।”
उन्होंने बड़ी ही शांत आवाज में कहा, “मैं यह साबित करके दिखाऊंगा कि मैं उससे कहीं अधिक हूं जितना कि वे लोग सोचते हैं। मैं यह साबित कर दूंगा कि मैं एक अच्छा व्यक्ति हूं।”
उमर, अहमद सईद खद्र का छोटे पुत्र हैं। उसे 2002 में अमेरिकी सेना ने तालिबान से युद्ध करते समय अफगानिस्तान में गिरफ्तार किया था। अहमद खद्र मिस्र मूल के कनाडाई नागरिक हैं और उन्हें अलकायदा के संस्थापक सदस्यों में माना जाता है। वह अलकायदा के पूर्व प्रमुख ओसामा बिन लादेन के करीबी विश्वासपात्र थे।
अमेरिकी सैनिकों के साथ लड़ाई में खद्र अकेला ऐसा तालिबान था जो जीवित बचा था। उसे 2002 में अमेरिकी आपराध न्याय प्रणाली के तहत ग्वांटानामो की खाड़ी भेज दिया गया था, जहां पर वह 2012 तक रहा।
ग्वांटानामो में आठ साल बिताने के बाद खद्र ने स्वीकार किया कि उसने युद्ध में एक अमेरिकी सैनिक को मारा था, जिसे उन्होंने अपने कब्जे में रखा था। उसे युद्ध अपराध के लिए आठ साल की सजा सुनाई गई।
लेकिन 2012 में कनाडा स्थानांतरित किए जाने के बाद खद्र अपने बयान से मुकर गया और उसने दावा किया कि उसने ग्वांटानामो में सालों तक हुए दुर्व्यवहार और अत्याचार के बाद यह बयान दिया था।
कनाडाई प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर गिरफ्तारी के समय खद्र की उम्र और उसके कबूलनामे की स्थितियों को देखते हुए कई बार नाराजगी जता चुके हैं।
खद्र ने भी यह कहते हुए माफी मांगी, “मैं केवल यह कह सकता हूं कि मेरे कारण पीड़ितों के परिवारों को हो रही परेशानियों के लिए मैं माफी मांगता हूं।”
उसने कहा, “मैं अतीत के लिए तो कुछ नहीं कर सकता लेकिन भविष्य के लिए कुछ कर सकता हूं।”
खद्र से जब कट्टरपंथ के बारे में पूछा गया तो उसने कहा, “मैं किसी को कुछ बताऊंगा तो यही कि खुद को शिक्षित करें। अपनी भावनाओं को हावी न होने दें। शिक्षा बहुत आवश्यक है। मैंने देखा है कि कई लोग इसलिए गुमराह हो जाते हैं क्योंकि वे शिक्षित नहीं होते।”
उसने यह भी साफ कर दिया है कि अब वह हिंसा और जिहादी धारणाओं में भरोसा नहीं रखता।
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