नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। बिजली (स्वतंत्र प्रभार), कोयला और नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि सरकार ने बीएचईएल, एनटीपीसी और इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केन्द्र (आईजीसीएआर) को शामिल करते हुए ताप बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़ाने के लिए 1500 करोड़ रुपये की लागत से एक उन्नत अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल प्रौद्योगिकी अनुसंधान और विकास परियोजना मंजूर की है।
राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य कोयला आधारित बिजली संयंत्रों के लिए क्षमता बढ़ाना, कार्बन डाई-ऑक्साइड उत्सर्जन घटाना और कोयले की खपत घटाना है। अनुसंधान और विकास से जुड़ी कुछ परियोजना-पूर्व गतिविधियों के लिए भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार की निगरानी में इस कार्यक्रम के लिए अनुसंधान और विकास का काम किया जा रहा है।
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