नेपाल में भूकंप से 57 की मौत, भारत में भी 10 मरे (राउंडअप-इंट्रो)

काठमांडू, 12 मई (आईएएनएस)। नेपाल में मंगलवार को आए भूकंप में कम से कम 57 लोगों की मौत हो गई तथा 1,129 अन्य लोग घायल हो गए। 25 अप्रैल को आए विनाशकारी भूकंप के बाद दोबारा आए इस जोरदार भूकंप से लोगों में दहशत का माहौल है।

काठमांडू, 12 मई (आईएएनएस)। नेपाल में मंगलवार को आए भूकंप में कम से कम 57 लोगों की मौत हो गई तथा 1,129 अन्य लोग घायल हो गए। 25 अप्रैल को आए विनाशकारी भूकंप के बाद दोबारा आए इस जोरदार भूकंप से लोगों में दहशत का माहौल है।

उधर, पड़ोसी देश भारत के राज्यों-बिहार व उत्तर प्रदेश में 10 लोग मारे गए।

भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.3 मापी गई और इसका केंद्र कोदारी था, जहां से दोलखा की दूरी 130 किलोमीटर है। इस हादसे में दरारों वाली इमारतें भरभराकर कर धराशायी हो गईं, भूस्खलन से सड़कों में दरारें पड़ गईं।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता लक्ष्मी प्रसाद ढकाल ने कहा कि हादसे में दोलखा में 19, सिंधुपालचौक में पांच, काठमांडू में चार, सिंधूली में दो तथा ललिलपुर, सुंसरी, रौथात, धनुषा तथा सरलाही में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई।

मारे गए दो अन्य लोगों का विवरण अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।

भूकंप के झटकों से आतंकित लोग अपने घरों व दफ्तरों से निकलकर खुले स्थान में पहुंच गए।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “यह डरावना था। यह पिछली बार से भी अधिक बदतर था।”

नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोईराला ने कहा कि सरकार ने तलाशी, राहत व बचाव दलों को प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिए हैं।

वहीं उनके भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी ने आश्वस्त किया है कि उन्होंने अधिकारियों को बचाव व राहत अभियानों के लिए अलर्ट रहने का निर्देश दिया है।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा किए गए एक ट्वीट के मुताबिक, “एक उच्चस्तरीय बैठक में मोदी ने नेपाल तथा भारत के हिस्सों में आए भूकंप पर हालात का जायजा लिया।”

भारत मौसम विभाग के प्रमुख एल.एस.राठौड़ ने कहा कि कुछ सप्ताह या महीनों तक ऑफ्टरशॉक जारी रहेंगे।

भूकंप के झटके भारत की राजधानी दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, अमृतसर, कोलकाता तथा पूर्वोत्तर के शहरों गुवाहाटी में भी महसूस किए गए। यहां तक कि दक्षिण के शहर कोच्चि में भी झटके महसूस किए गए।

झटकों के बाद काठमांडू में बिजली व इंटरनेट सेवा ठप हो गई।

इस दौरान लोग मोबाइल फोन से अपनों से संपर्क करते दिखे, लेकिन उसने भी काम करना बंद कर दिया। मोबाइल नेटवर्क जाम हो गया।

काठमांडू हवाईअड्डे को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया, क्योंकि एटीसी के कर्मचारी टावर के बाहर निकल गए।

बिहार में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं।

पटना के निकट दानापुर में एक निर्माणाधीन दीवार गिर जाने से एक मजदूर की मौत हो गई, वहीं सीवान जिले में एक बच्चे की मौत हो गई। दरभंगा जिले के मनिगाछी में दो बच्चे तथा सीतामढ़ी जिले के डुमरा में एक महिला की मौत हो गई।

वैशाली, नवादा तथा सारण जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई।

भोजपुर जिले के बिहियां में एक सरकारी माध्यमिक विद्यालय में कक्षा से निकलने के प्रयास में आधा दर्जन से अधिक छात्राएं घायल हो गईं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को क्षति का आकलन करने को कहा है, हालांकि उन्होंने केवल छह लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। लेकिन उन्होंने कहा कि 15 लोगों के मारे जाने की सूचना मिली है, जिसकी अधिकारियों को पुष्टि करने के लिए कहा गया है।

वहीं, उत्तर प्रदेश में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन लोग घायल हो गए।

हमीरपुर में एक मजदूर की मौत हो गई, वहीं संबलपुर में एक लड़की की मौत हो गई।

अंबेडकर नगर में एक दीवार गिर जाने से दो बच्चे घायल हो गए।

लखनऊ में भूकंप के झटके महसूस होते ही मुख्यमंत्री अखिलेश के कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई। उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, दुर्गापुर, सिलिगुड़ी जिले सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूकंप के झटकों के मद्देनजर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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